Republic Day: दिल्ली पुलिस ने लगाए अलकायदा के आतंकियों के पोस्टर, पता बताने वालों को देगी इनाम
नई दिल्ली। भारत के 73वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद है। यहां पुलिस और फोर्स के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं। वहीं, सीसीटीवी कैमरे एवं निगरानी के अन्य उपकरण भी लगाए गए हैं। गणतंत्र दिवस से पहले पुलिस ने संदिग्ध आतंकवादियों की तस्वीरों वाले 4 पोस्टर भी दिल्ली में लगाए हैं। ये पोस्ट अल-कायदा से जुड़े चार संदिग्ध आतंकवादियों से संबंधित हैं। इन पोस्टरों के बारे में, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि, यदि ये आतंकवादी किसी को भी दिखें तो फौरन बताएं। लोगों को इसके लिए "उचित इनाम" दिया जाएगा, और उनकी पहचान भी उजागर नहीं की जाएगी।

बता दें कि, आज ही दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के मध्य में कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर के पास संदिग्ध आतंकवादियों के पोस्टर लगाए हैं। यहां इस इलाके में कम से कम चार पोस्टर देखे गए, जिनमें चार व्यक्तियों के सुन्नी इस्लामी आतंकवादी समूह अल-कायदा के साथ संबंध होने का उल्लेख है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि चारों के बारे में कोई भी जानकारी देने वालों को "उचित रूप से" पुरस्कृत किया जाएगा। हालांकि, मुखबिरों के नाम छुपाए जाएंगे, ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो।
इससे पहले सोमवार को, दिल्ली पुलिस ने इस साल के गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में 30 स्थानों पर चेहरे की पहचान प्रणाली (FRS) और सीसीटीवी कैमरे लगाए, जिसमें 6 एंट्री पॉइंट शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि एफआरएस के पास कुल 50,000 संदिग्ध अपराधियों का डेटाबेस है। दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले व्यक्तियों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने ट्विटर पर कहा कि, लोगों के लिए कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक लेना अनिवार्य है और साथ ही उनका टीकाकरण प्रमाण पत्र भी है। यह भी कहा गया है कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों को परेड में शामिल होने से रोक दिया गया है।
लोगों से कहा गया है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और अपना व्यक्तिगत पहचान प्रमाण जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य प्रवेश पत्र भी साथ रखें। इससे पहले रविवार को, दिल्ली पुलिस प्रमुख राकेश अस्थाना ने कहा था कि गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सुरक्षा उद्देश्यों और आतंकवाद विरोधी उपायों के लिए 27,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। अस्थाना ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 65 कंपनियों से भी सहायता मिल रही है।












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