UPSC छात्रों की मौत से गूंजी संसद, अखिलेश ने पूछा चलेगा बुलडोजर? बांसुरी ने ठहराया AAP सरकार को जिम्मेदार
Parliament Monsoon Session: संसद के मॉनसून सत्र के छठे दिन (29 जुलाई) 'दिल्ली कोचिंग हादसे' में तीन यूपीएससी छात्रों की मौत का मामला गूंजा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद अखिलेश यादव ने छात्रों की मौत पर कई सवाल उठाए। जैसे कि कौन जिम्मेदार हैं? क्या उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है? क्या सरकार बुलडोजर चलाएगी? वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने निंदा व्यक्त करते हुए, मृतकों के परिवार की मनोदशा को पेश किया।
उधर, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने घटना को AAP सरकार के मंत्रियों की आपराधिक लापरवाही का नतीजा बताया है। साथ ही गृह मंत्रालय से जांच की मांग की है। आइए जानते हैं संसद में सोमवार को कब-कब गर्म हुआ मानसून सत्र?

लोकसभा में सपा मुखिया व सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि यह एक दर्दनाक घटना है। योजना बनाना और एनओसी प्रदान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है, सवाल यह है कि कौन-कौन जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। यह अवैध निर्माण का सिर्फ एक मामला नहीं है, हम यूपी में देख रहे हैं कि अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, क्या यह सरकार यहां बुलडोजर चलाएगी या नहीं?
क्या बोले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ?
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह एक चौंकाने वाली स्थिति है और मुझे कहना होगा कि जब आपके पास एक प्रतिभाशाली छात्र हो तो, यूपीएससी परीक्षा के माध्यम से देश की सेवा करने के सभी सपने चकनाचूर हो जाते हैं और परिवार की उम्मीदें भी टूट जाती हैं। यह एक ऐसा मामला है, जिसके लिए निश्चित रूप से मुआवजे की आवश्यकता है, लेकिन एक युवा व्यक्ति की दुखद मौत के लिए कोई भी मुआवजा पर्याप्त नहीं हो सकता है।
थरूर ने आगे यह भी कहा कि कई गंभीर मुद्दे हैं, जिन्हें उजागर करने की जरूरत है। दुख की बात है कि शहर में बिल्डिंग कोड, अग्नि सुरक्षा, बाढ़ सुरक्षा आदि के मामले में बुनियादी मानदंडों का उल्लंघन बहुत ज्यादा है। निगम की भी जिम्मेदारी है। मैंने एक पत्रकार के हाथों में 9 जुलाई को जारी किया गया क्लीयरेंस सर्टिफिकेट देखा है। निगम इन लोगों को वह करने की अनुमति देता है, जो वे कर रहे हैं, यह कहते हुए कि वे अनुपालन कर रहे हैं।
'घटना AAP सरकार के मंत्रियों की आपराधिक लापरवाही का नतीजा'
नई दिल्ली की सीट से बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह एक सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि AAP सरकार और उनके मंत्रियों की आपराधिक लापरवाही का परिणाम है, जिसने यूपी, तेलंगाना और केरल से दिल्ली आए हुए तीन यूपीएससी अभ्यर्थी की जान ले ली। दुर्भाग्य से, दिल्ली वासियों को ऐसे असंवेदनशील मंत्रियों द्वारा शासित किया जा रहा है, जिन्होंने इतनी गंभीर परिस्थिति में न तो घटना स्थल पर जाकर स्थिति का अवलोकन किया और न ही छात्रों की समस्याओं की परवाह की।
स्वराज ने दिल्ली सीएम केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल बार-बार यह दावा करते हैं कि उन्होंने राजधानी में नाले और डी-सिल्टिंग के मुद्दों को सुलझाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई ठोस परिवर्तन नहीं हुआ और यह घटना उनके झूठे प्रयासों का सबूत है।
बीजेपी ने की गृह मंत्रालय से जांच की मांग
उधर, मामले की जांच गृह मंत्रालय से कराने की मांग करते हुए, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने एक्स पर लिखा कि वे छात्र आईएएस परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली में थे, लेकिन दुख की बात है कि दिल्ली सरकार की लापरवाही के कारण उन छात्रों की जान चली गई। इन तीन छात्रों की मौत का कारण दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की घोर उदासीनता है।
आगे सांसद ने कहा कि एक दशक से AAP दिल्ली में सत्ता का आनंद ले रही है, लेकिन दिल्ली के लोगों के लिए काम नहीं कर रही है। पिछले 2 सालों से दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली जल बोर्ड दोनों ही AAP के अधीन है। ओल्ड राजेंद्र नगर के निवासी लगातार स्थानीय विधायक, पार्षद और अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे - विधायक व्यंग्य करते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। मैं गृह मंत्रालय से मामले की जांच के लिए एक समिति बनाने का अनुरोध करता हूं।
यूजर्स ने की आलोचना
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज को एक्स पोस्ट पर कई तरह की प्रतिक्रियाओं से गुजरना पड़ा। कुछ ने समर्थन किया तो कई लोगों ने आलोचना की। एक यूजर अभिषेक सिंह ने लिखा कि आम आदमी पार्टी तो है ही बेकार मगर, बीजेपी के सांसदों क्या एक भी चिट्ठी दिल्ली उप राज्यपाल को लिखी हैं अवैध बिल्डिंगें, अवैध निर्माण, अवैध क़ब्ज़ा या अवैध तरीक़े से बेसमनेटों का इस्तेमाल पर। नेता तो आप के भी करप्ट है।
राज किरण विश्वकर्मा ने कहा कि दिल्ली के सुपर बॉस तो एलजी और अमित शाह है , पुलिस तुम्हारी अधिकारी तुम्हारे आप वाले तो मुखौटा मात्र है, आप वाले तो रिश्वत लिए हुए अधिकारी को सस्पेंड तक नहीं कर सकते। वहीं, एक ने लिखा कि मंत्री को जेल में डाल कर अब उसको दोष दे रहे हो, अगर वो होते तो, ये नौबत नहीं आती थी। एक अमित यूजर ने कहा कि दीदी पुलिस आपके ही मंत्रालय वाले के पास है, कम से कम उनकी मौत के बाद जिंदा छात्रों को तो उनकी जिंदगी आपकी पुलिस ने नर्क बना दिया है।
क्या है कोचिंग हादसा?
आपको बता दें कि घटना 27 जुलाई की दिल्ली करोलबाग के ओल्ड राजेंद्र नगर की है। यहां स्थित राऊ के आईएएस स्टडी सर्किल बिल्डिंग के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन यूपीएससी छात्रों की मौत हो गई। तीनों आईएएस की तैयारी कर रहे थे। हालांकि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद कोचिंग सेंटर के मालिक और कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे हुई तीन छात्रों की मौत?
सामने आए वीडियो के मुताबिक, आईएएस की कोचिंग बिल्डिंग के बेसमेंट में है। मानसून की बारिश के कारण कोचिंग सेंटर के बाहर की सड़कें कमर तक तालाब में तब्दील हो चुकी थीं। तभी एक महिंद्रा थार कोचिंग सेंटर के सामने से तेजी से गुजरी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि थार की स्पीड के कारण सड़क का पानी काफी तेजी से कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग के बेसमेंट में जाने लगा। देखते ही देखते पलक झपकते ही बेसमेंट में पानी भर गया। परिणामस्वरूप तीन छात्रों की डूबने से मौत हो गई।












Click it and Unblock the Notifications