• search

दिल्ली में बिजली कटने पर हर घंटे का 50 रुपये हर्जाना देंगी कंपनियां

By Kamal Kumar
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    दिल्ली: अगर राजधानी में रहकर बिजली जाने से आप परेशान हैं तो अब आपको होने वाली परेशानी के बदले सरकार मुआवजा देगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नई योजना के मुताबिक, दिल्ली में बिजली जाने पर हर घंटे के पावर कट के बदले लोगों को 50 रुपए प्रति घंटे का मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ऐसा इसलिए करने जा रही हैं ताकि बिजली कंपनियां ग्राहकों के प्रति ज्यादा से ज्यादा जिम्मेदार हों।

    people of delhi to get monetary compensation for unscheduled power cuts.

    इस योजना में ग्राहकों के बिजली बिल में उनके बिजली न मिलने के कारण मिले मुआवजे की राशि को कम कर दिया जाएगा। अगर उपराज्यपाल की मंजूरी मिल जाती है तो दिल्ली ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। इस योजना को पॉवर कंज्यूमर कंपन्सेशन पॉलिसी भी कहा जा रहा है।

    केजरीवाल सरकार का कहना है कि 15 साल पहले दिल्ली में बिजली का निजीकरण हुआ था। प्राइवेट कंपनियों द्वारा बिजली देने का मतलब है कि बिना किसी बाधा के बिजली लोगों को मिले।

    इस योजना के अनुसार, दिन में एक बार एक घंटे के लिए बिजली कटने पर कंपनियां जुर्माना देने से बच सकती हैं, इसके बाद बिजली जाने पर पहले घंटे के लिए 50 रुपये और उसके बाद भी बिजली कटने की रहती पर 100 रुपए घंटा की दर से लोगों को दिया जाएगा। अगर कोई एक उपभोक्ता बिजली कटने की समस्या का सामना कर रहा है तो वह एसएमएस, ईमेल या फोन आदि से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। साल 2016 में केजरीवाल सरकार ने आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल ने ऐसे ही एक प्रस्ताव को मंजूरी देने से मना कर दिया था।

    ये भी पढ़ें: केजरीवाल के बाद शाजिया इल्मी ने भी कपिल सिब्बल के बेटे से मांगी माफी

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    people of delhi to get monetary compensation for unscheduled power cuts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more