Nari Shakti Vandan: 'बेटी बचाओ' से 'बेटी बढ़ाओ' तक, सीएम रेखा गुप्ता ने बताया नारी शक्ति का नया दौर
Nari Shakti Vandan (CM Rekha Gupta): दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने देश की आधी आबादी के बदलते स्वरूप पर एक ओजस्वी भाषण दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब केवल बेटियों को बचाने या पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब उन्हें हर क्षेत्र में 'आगे बढ़ाने' (Beti Badhao) के युग में प्रवेश कर चुका है।

भ्रूण हत्या के कलंक से फाइटर जेट उड़ाने तक का सफर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में बीते दशकों की कड़वी हकीकत को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बेटियों के अस्तित्व पर ही संकट था और उन्हें कोख में ही मार दिया जाता था। उस दौर से लड़कर देश 'बेटी बचाओ' के मिशन में सफल हुआ। इसके बाद शिक्षा का दौर आया, जहां 'बेटी पढ़ाओ' के जरिए लड़कियों को स्कूलों तक पहुंचाया गया।
लेकिन आज का दौर इससे कहीं आगे का है। सीएम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में अब बेटियां केवल पढ़ नहीं रही हैं, बल्कि वे सीमाओं की रक्षा के लिए फाइटर जेट्स उड़ाकर आसमान की ऊंचाइयों को छू रही हैं।
नारी की गरिमा और सुरक्षा: मोदी सरकार की योजनाओं का केंद्र
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्लेषण करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की हर योजना के केंद्र में महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा निहित है। उन्होंने कुछ प्रमुख उदाहरणों के जरिए इसे समझाया:
- स्वच्छ भारत मिशन: देशभर में शौचालयों का निर्माण केवल स्वच्छता नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा से जुड़ा मुद्दा है।
- उज्ज्वला योजना: रसोई को धुएं से मुक्त कर महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
- जन धन खाते: वित्तीय समावेशन के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सशक्त बनाया गया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम: 70 करोड़ महिलाओं के नेतृत्व की नींव (Nari Shakti Vandan Adhiniyam)
सीएम रेखा गुप्ता ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को 'महिला-नेतृत्व वाले विकास' (Women-led development) का आधार स्तंभ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश की लगभग 70 करोड़ महिलाओं के लिए सशक्त नेतृत्व के रास्ते खोलेगा।
उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर मिलने वाली पहचान की जड़ में नारी शक्ति ही है। आज भारत की महिलाएं अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रही हैं।












Click it and Unblock the Notifications