जुबैर ने अपनी फैमिली से कहा था अगर मैं गिरफ्तार हो जाउं तो मेरा फोन तोड़ देना: दिल्ली पुलिस
नई दिल्ली, 16 सितंबर: दिल्ली पुलिस ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ मामले की जांच के दौरान पुलिस द्वारा जब्त किए गए उपकरणों और दस्तावेजों को वापस करने की मांग की है। रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि जब्त की गई वस्तुओं का रोहिणी में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में विश्लेषण किया जा रहा है। फोरेंसिक जांच के बाद जुबैर अपने सामान की वापसी के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

मोहम्मद जुबैर के बेंगलुरु निवास से पुलिस द्वारा जब्त किए गए उपकरणों से डेटा को पुनर्प्राप्त करने और उसका विश्लेषण करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि जुबैर का 2018 का ट्वीट लोगों में नफरत फैलाने के लिए पर्याप्त था।जिसके परिणामस्वरूप समाज में शांति भंग हुई थी।
पुलिस ने कहा कि, जांच के दौरान जुबैर रवैया असहयोगी रहा। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने अपने परिवार को कहा था कि, अगर उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है तो उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप सहित अन्य उपकरणों को तोड़ दें।
दिल्ली पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा,'पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपी मोहम्मद जुबैर के आवास (बेंगलुरु) से खुलासा बयान के आधार पर एक लैपटॉप, दो चालान और एक हार्ड डिस्क बरामद की गई थी।
वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने पुरुषेन्द्र कुमार कौरवी की पीठ के समक्ष शुक्रवार को कहा कि साल 2018 के ट्वीट मामले के संबंध में जांच के दौरान जब्त किये गए उपकरण की रोहिणी फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि वर्ष 2018 के ट्वीट और मोहम्मद जुबैर द्वारा किए गए इसी तरह के अन्य ट्वीट्स के संबंध में जब्त किए गए उपकरणों से डेटा को पुनर्प्राप्त और विश्लेषण किया जाना है।












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