MCD Election के बाद भाजपा पार्षद का आरोप- AAP का समर्थन करने के लिए मिला आकर्षक ऑफर, ACB के पास कंप्लेन
दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 के नतीजों में AAP ने बाजी मारी। हालांकि, नतीजों की घोषणा के साथ-साथ दल बदलने के ऑफर और पैसों की लेन-देन जैसी बातें भी सुर्खियों में हैं। AAP और भाजपा आमने-सामने हैं।

MCD Election के नतीजे आने के बाद साफ हो गया कि भाजपा 15 साल के बाद दिल्ली नगर निगम की गद्दी पर नहीं बैठेगी। एमसीडी चुनाव नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षद मोनिका पंत ने शनिवार को आरोप लगाया कि शिखा गर्ग नाम की एक महिला ने उनसे संपर्क किया और दिल्ली चुनाव के दौरान महापौर चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) को समर्थन देने के बदले आकर्षक ऑफर दिया।
MCD Election में दलबदल विरोधी कानून नहीं
भाजपा नेता हरीश खुराना ने कहा, हम भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं। आप ने अभी तक इस आरोप का जवाब नहीं दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस के दो पार्षदों के शामिल होने के बाद आप के कुल पार्षदों की संख्या 136 हो गई। बता दें कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में दलबदल विरोधी कानून नहीं है।

बता दें कि AAP ने 250 दिल्ली नगर निगम के 134 वार्डों में जीत हासिल की। हाल ही में संपन्न दिल्ली निकाय चुनाव में भाजपा को 104 वार्डों में जीत मिली है। नतीजों के बाद दिल्ली नगर निकाय पर भाजपा का 15 साल का शासन समाप्त हो गया।
AAP के एक पदाधिकारी ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा सदन बुलाए जाने की तारीख दिए जाने के बाद पार्टी मेयर पद के लिए संभावित उम्मीदवारों पर फैसला करेगी। एमसीडी उपराज्यपाल सक्सेना से संपर्क करेगी और तारीख की तलाश करेगी, जिस पर नगरपालिका सदन बुलाया जा सके ताकि पार्षद शपथ ले सकें और एक महापौर का चयन किया जा सके।
दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता ने कहा कि एमसीडी मेयर AAP से ही होगा। भाजपा एक "मजबूत विपक्ष" की भूमिका निभाएगी। आदेश गुप्ता के बयान के बाद दिल्ली नगर निगम में मेयर पद पर BJP के दावे की अटकलों पर विराम लग गया है।












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