LG ने तिहाड़ जेल में बंद सत्येंद्र जैन के खिलाफ जांच करने को दी मंजूरी, आतिशी बोलीं- और एक फर्जी मामला
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने रिश्वतखोरी के आरोप में जेल में बंद दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ जांच शुरू करने को मंजूरी दे दी है। यह जांच भ्रष्टाचार निवारण (पीओसी) अधिनियम के तहत की जा रही है। वहीं उपराज्यपाल के इस जांच को मंजूदी देने पर आम आदमी पार्टी का पारा हाई हो गया है।
दिल्ली अरविंद केजरीवाल सरकार की मंत्री आतिशी ने तंज कसते हुए कहा अब और एक फर्जी मामला। इसके साथ ही आरोप लगाया कि भाजपा लगातार दिल्ली सरकार के खिलाफ साजिश कर रही है।

आतिशी ने बताया आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ 10 साल में 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। आज तक कहीं से भी भ्रष्टाचार का एक रुपया बरामद नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी पूरी तरह ईमानदार है। अब यह एक और फर्जी मामला है।
दिल्ली सरकार का कामकाज बाधित करने की है ये साजिश
आतिशी ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा इन आरोपों के ज़रिए दिल्ली सरकार के कामकाज को बाधित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एक दशक से ज्यादा समय से चल रहे कई मामलों के बावजूद, आप नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिला है।
जानें क्या है मामला
बता दें सत्येंद्र जैन पर 70 विधानसभा क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाने के लिए 571 करोड़ रुपये की परियोजना से संबंधित 7 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। उनके खिलाफ जांच भ्रष्टाचार निवारण (पीओसी) अधिनियम के तहत की जाएगी।
दिल्ली एलजी ने जांच के लिए दी मंजूरी
उपराज्यपाल ने सतर्कता विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें पीओसी अधिनियम, 1998 की धारा 17ए के तहत मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने का प्रस्ताव है। इससे भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को जैन की जांच करने की अनुमति मिल जाएगी। दिल्ली एलजी कार्यालय ने यह जानकारी दी।












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