Kanjhawala Case: मृतक अंजलि की दोस्त निधि को लेकर बड़ा खुलासा, ड्रग्स रखने के केस में हुई थी गिरफ्तार
कंझावला मामले की चश्मदीद गवाह निधि को साल 2020 में आगरा में एक ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था।

Kanjhawala Accident Case: दिल्ली में नई साल की रात को हुए दर्दनाक हादसा में अभी तक पुलिस ज्यादा कुछ नहीं बता पाई है। कंझावला हादसा में हुई स्कूली सवार युवती की अंजलि की मौत के इस मामले में एक के बाद एक कई खुलासे हो रही हैं। पहले अंजलि की सहेली और हादसे की चश्मदीद निधि ने कई चौंकाने वाली बात बताई। उसने मीडिया से दावा करते हुए कहा था कि अंजलि उस रात नशे में थी और स्कूटी चलाने की जिद कर रही थी। वहीं अब अंजलि की सहेली निधि को लेकर हैरान कर देने वाला सच सामने आया है। निधि ड्रग्स रखने के केस में गिरफ्तार हुई थी।
कंझावला मामले की चश्मदीद गवाह निधि को 2020 में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीसी) अधिनियम के तहत आगरा में एक ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था। निधि को तेलंगाना से गांजा ले जाने के आरोप में आगरा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया था। उसे 6 दिसंबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। निधि के साथ दो और व्यक्तियों, समीर और रवि को भी गिरफ्तार किया गया था। जो जमानत पर बाहर है।
दरअसल, 1 जनवरी 2023 की तड़के दिल्ली के कंझावला इलाके में एक कार के टक्कर मारने के बाद स्कूटी सवार युवती को करीब 12 किमी तक खींचे जाने के बाद अंजलि की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के तीन दिन बाद युवती मीडिया के सामने आई, जिसमें कई दावे किए। फिर दिल्ली पुलिस ने निधि से घटना के उसके पिछले बयानों में विरोधाभास पाए जाने के बाद पूछताछ की।
शुरुआत में निधि ने दावा किया कि वह टक्कर के बाद स्कूटी से गिर गई थी और दुर्घटना स्थल से भाग गई क्योंकि वह डर गई थी। निधि ने दावा किया था कि अंजलि 31 दिसंबर की रात अपने दोस्तों से मिलने एक होटल में गई थी। इधर, पुलिस ने कंझावला केस में दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन, मनोज मित्तल और आशुतोष को गिरफ्तार किया है। सातवें आरोपी अंकुश खन्ना ने 6 जनवरी की शाम पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। आशुतोष और अंकुश पर पांचों आरोपियों को बचाने का आरोप है।












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