JNU New Rules: जेएनयू में छात्रों के लिए लागू हुए नए नियम, धरना किया तो लगेगा जुर्माना, हिंसा की तो रद्द होगा
JNU New rules: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अगर धरना या फिर तोड़फोड़, मारपीट या हिंसा की तो आपकों जुर्माना देना पड़ सकता है। जेएनयू प्रशासन ने इसके लिए नए नियम जारी किए हैं।

JNU New Rules: दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जवाहर लाल नेहरू में छात्र-छात्राओं द्वारा धरना देना, भूख हड़ताल करना या फिर तोड़फोड़, मारपीट या हिंसा जैसे किसी भी तरह का आंदोलन करना अब भारी पड़ सकता है। दरअसल, जेएनयू प्रशासन ने इसके लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नए नियमों के मुताबिक, विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं द्वारा धरना देने पर 20,000 रुपए का जुर्माना और हिंसा करने पर उनका दाखिला रद्दा किया जा सकता है या 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
जी हां...अपने ने एकदम सही सुना है। हाला ही में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जेएनयू प्रशासन ने बुधवार देर शाम जेएनयू एक्ट 2023 में संशोधित करते हुए 10 पन्नों में 'जेएनयू के छात्रों के अनुशासन और उचित आचरण के नियम' में विभिन्न प्रकार के कृत्यों के लिए दंड और प्रॉक्टोरियल जांच और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है। दस्तावेज के अनुसार, ये नियम 3 फरवरी से लागू हुए हैं। इसमें छह बिंदूओं पर छात्रों के लिए नए निमय निर्धारित किए गए हैं।
इन नए नियमों के मुताबिक, विश्वविद्यालय परिसर में धरना देने पर छात्रों पर अब 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, अगर कोई कैंपस में कोई स्टूडेंट्स हिंसा करता है तो उसका दाखिला रद्द किया जा सकता है या फिर 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेएनयू कैंपस में अक्सर विरोध धरना, प्रदर्शन और मारपीट व हिंसा की घटनाएं होती रहती हैं। इसी कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती से निपटने को लेकर जेएनयू एक्ट में संशोधन किया है। यह नए नियम कार्यकारी परिषद द्वारा अनुमोदित किए हैं, जोकि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
दस्तावेज में कहा गया है कि नियम विश्वविद्यालय के सभी छात्रों पर लागू होंगे, जिनमें अंशकालिक छात्र भी शामिल हैं, चाहे इन नियमों के शुरू होने से पहले या बाद में प्रवेश दिया गया हो। इतना ही नहीं, जेएनयू कैंपस में अब कोई भी बबाल किया तो उसकी शिकायत संबंधित छात्र के माता-पिता को भेजी जाएगी। इसका मकसद छात्र की सभी जानकारियां पेरेंट्स को देना है, ताकि वे अपने बच्चे को समझाकर भेजे कि कैंपस में सिर्फ पढ़ाई करनी है।
Recommended Video
चीफ प्रॉक्टर रजनीश मिश्रा ने बताया कि जेएनयू में पहले से नियमों का उल्लेख था। हालांकि नए नियम प्रॉक्टोरियल जांच के बाद तैयार किए गए हैं। इन नए नियमों में हिंसा और जबरदस्ती के सभी कृत्यों जैसे घेराव, धरना-प्रदर्शन या किसी भी भिन्नता के लिए दंड का प्रस्ताव किया है, जो सामान्य शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज को बाधित करता है। वहीं, जेएनयू में लागू हुए इन नए नियमों को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सचिव विकास पटेल ने 'तुगलकी फरमान' कहा है।












Click it and Unblock the Notifications