जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में CM रेखा गुप्ता, दिल्ली में खुदाई पर सख्ती, 3 दिन में मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली में जनकपुरी क्षेत्र में हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। इस घटना को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए मुख्यमंत्री ने राजधानी में चल रहे सभी खुदाई और निर्माण कार्यों पर तुरंत नजर रखने के निर्देश दिए हैं। साफ शब्दों में कहा गया है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
सीएम रेखा गुप्ता के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव की ओर से एक विस्तृत कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया है। इसके तहत दिल्ली में सड़कों, फुटपाथों और भूमिगत सुविधाओं से जुड़े सभी निर्माण, मरम्मत और रखरखाव कार्यों के दौरान आठ-सूत्रीय सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, एनडीएमसी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, बिजली वितरण कंपनियों और सभी निजी ठेकेदारों पर समान रूप से लागू होंगे।

तीन दिन में देनी होगी सभी खुदाई स्थलों की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिया है कि दिल्ली में जहां-जहां खुदाई या निर्माण कार्य चल रहा है या हाल ही में पूरा हुआ है, उसकी पूरी जानकारी तीन दिनों के भीतर सरकार को देनी होगी। इस रिपोर्ट में कार्यस्थल का स्थान, वहां मौजूद सुरक्षा इंतजाम और यदि कहीं कमी पाई गई है तो उसके सुधार के कदमों का ब्योरा शामिल होगा। यह रिपोर्ट सीधे मुख्य सचिव कार्यालय को सौंपी जाएगी।
रात में भी दिखे खुदाई स्थल, लाइट और चेतावनी अनिवार्य
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी खुदाई स्थलों पर चारों दिशाओं से स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाए जाना जरूरी होगा। खासतौर पर रात के समय और कम दृश्यता की स्थिति में रिफ्लेक्टर लाइट्स, ब्लिंकर्स और चमकीले टेप का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री का साफ कहना है कि किसी भी हाल में राहगीरों को खतरे में नहीं डाला जा सकता।
मजबूत बैरिकेडिंग और सुरक्षित रास्ते जरूरी
सरकार ने यह भी तय किया है कि सभी कार्यस्थलों के चारों ओर मजबूत और निरंतर बैरिकेडिंग होनी चाहिए। बैरिकेड इस तरह लगाए जाएं कि पैदल चलने वालों, साइकिल सवारों और वाहनों की अनजाने में एंट्री न हो सके। जहां जरूरत हो, वहां सुरक्षित पैदल मार्ग और यातायात डायवर्जन की व्यवस्था भी करनी होगी, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
इंजीनियर और फील्ड अधिकारी सीधे जिम्मेदार
इन नियमों के पालन की सीधी जिम्मेदारी फील्ड अधिकारियों और इंजीनियर-इन-चार्ज पर तय की गई है। उन्हें नियमित निरीक्षण करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों में कोई ढील न हो। यदि कहीं चूक पाई जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होगी।
गलती हुई तो कार्रवाई तय, बहाना नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दो टूक कहा है कि यदि लापरवाही के कारण किसी तरह की दुर्घटना, चोट या जान-माल का नुकसान होता है, तो दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। सरकार ने साफ किया है कि अब शॉर्टकट अपनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
जनसुरक्षा सर्वोपरि, सिस्टम में सुधार का दावा
दिल्ली सरकार का कहना है कि यह कदम केवल जनकपुरी हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम को दुरुस्त करने की कोशिश है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या हैं खुदाई स्थलों के लिए 8 अहम निर्देश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी खुदाई स्थलों पर चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और लाइट, मजबूत बैरिकेडिंग, धूल और खुले गड्ढों से बचाव, सुरक्षित पैदल मार्ग, जिम्मेदारी तय करना, नियमित निरीक्षण और तीन दिन में समेकित रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। जनकपुरी हादसे के बाद सरकार का यह एक्शन साफ संदेश देता है कि अब दिल्ली में विकास कार्य सुरक्षा की कीमत पर नहीं होंगे।












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