कुतुब मीनार कॉम्पलेक्स से गणेश जी की मूर्ति को बाहर निकालना चाहती है सरकार, जानिए वजह
नई दिल्ली, 08 अप्रैल। राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से कहा है कि वह कुतुब मीनार कॉम्पलेक्श में स्थित भगवान गणेश की मूर्ति को एक सम्मानित जगह पर रखें, जहां मूर्ति को सम्मान मिल सके। एनएमए के चेयरमैन का कहना है कि गणेश जी की मूर्ति सम्मानित जगह पर नहीं रखी गई है, लिहाजा इसे राष्ट्रीय स्मारक में रखा जाना चाहिए। प्राधिकरण ने पिछले महीने पत्र लिखर कहा है कि गणेश जी की मूर्ति को सम्मानित जगह पर रखना चाहिए, जहां पर इस तरह की मूर्तियों को बेहतर सम्मान देने का प्रावधान है। गौर करने वाली बात है कि एनएमए और एएसआई केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत आता है।

एनएमए के चीफ तरुण विजय जोकि भाजपा के नेता भी हैं और राज्यसभा के पूर्व सांसद थे, उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि मैं उस जगह पर कई बार गया हूं जहां पर गणेश जी की मूर्ति रखी गई है, मुझे लगता है कि यह मूर्ति ऐसी जगह पर रखी गई है जहां पर इसे सम्मान नहीं मिलता है। मस्जिद आने वाले लोगों के पैर जहां होते हैं उसके पास यह मूर्ति रखी गई है। बता दें कि एनएमए का गठन 2011 में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य स्मारकों और स्थलों और इसके आसपास के क्षेत्रों का संरक्षण करना है।
तरुण विजय ने बताया कि आजादी के बाद हमने अंग्रेज किंग्स और क्वीन की मूर्ति को इंडिया गेट से हटा दिया था। हमने कई सड़कों का नाम भी बदला, उपनिवेशवाद के निशानों को हटाया। लेकिन अब हमे उस सांस्कृतिक नरसंहार को बदलने के लिए काम करना चाहिए जिसका सामना हिंदुओं ने मुगल शासकों के हाथों किया था। 12 शताब्दी में उल्टा गणेश और जाल में गणेश की मूर्ति को 1993 में यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में शामिल किया था। दोनों ही मूर्तियां कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद कॉम्पलेक्स में है।












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