पर्यावरण मंत्री गोपाल राय बोले- दिल्ली में प्रदूषण कम करना है तो बनाना होगा ज्वाइंट एक्शन प्लान
नई दिल्ली, 18 नवंबर; राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही बैठकों का दौर भी जारी है। कोर्ट में मामला जाने के बाद दिल्ली सरकार की ओर से कई प्रयास किए गए हैं। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने गुरुवार को कहा कि हम कितनी भी कोशिश कर लें, केंद्र और एक निगरानी दल द्वारा संयुक्त कार्य योजना के बिना 70 फीसद बाहरी प्रदूषण से छुटकारा पाना संभव नहीं है।

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दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने गुरुवार को कहा कि, विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (CSE) ने केंद्र सरकार की संस्था के साथ मिलकर 24 अक्टूबर से 8 नवंबर के बीच का आंकड़ा इकट्ठा किया। इस रिपोर्ट के अनुसार 31% दिल्ली के अंदर का प्रदूषण है और जो दिल्ली के बाहर से प्रदूषण आ रहा है वो 69% है। जबकि दिल्ली में साल 2016 में एनर्जी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (टेरी)की स्टडी के मुताबिक, 64% पॉल्युशन बाहर से आता है और 36% दिल्ली के अंदर से आता है।
उन्होंने आगे कहा कि, अगर दिल्ली के लोग ऐड़ी चोटी का भी ज़ोर लगा दें तो ये 70% प्रदूषण दिल्ली के लोग कम नहीं कर सकते। इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से निवेदन कर रहा हूं कि इसके लिए एक ज्वाइंट मीटिंग करके एक ज्वाइंट एक्शन प्लान बनाना पड़ेगा। क्योंकि दिल्ली के अंदर प्रदूषण के जो भी कारण है, उसको तो कम कर सकते हैं, लेकिन बाहरी वजहों से ( दूसरे राज्य से ) फैल रहे प्रदूषण के लिए हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पराली से सिर्फ प्रदूषण 35-40% है।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने बुधवार को घोषणा की थी कि, 21 नवंबर तक निर्माण और विध्वंस कार्यों पर पूरी तरह से रोक रहेगी।सरकारी विभागों में 21 नवंबर तक पूर्णरूपेण वर्क फ्रॉम होम रहेगा। अगले आदेश तक सभी स्कूल-कॉलेज और पुस्तकालय बंद रहेंगे। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि केंद्र ने अपने हलफनामे में वायु प्रदूषण में चार प्रतिशत और 35-40 प्रतिशत दोनों के पराली जलाने के योगदान का उल्लेख किया है। यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि दोनों सही कैसे हो सकते हैं? मैं पर्यावरण मंत्री से सत्यापित करने का आग्रह करता हूं।












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