किसान आंदोलन में हिस्सा लेने बंगाल से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पहुंची युवती से दरिंदगी, अस्पताल में दम तोड़ा
झज्जर। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान संगठनों के आंदोलन स्थल से दुखद खबर आई है। किसानों के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने आई पश्चिम बंगाल की एक एक्टिविस्ट के साथ दरिंदगी की गई। गैंगरेप से हालत बिगड़ने पर उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन वह बच नहीं पाई। पुलिस का कहना है कि, पीड़िता ने 30 अप्रैल को दम तोड़ दिया था।

झज्जर के पुलिस अधिकारी के मुताबिक, घटना को लेकर मामला दर्ज किया जा चुका है और जांच-पड़ताल चल रही है। इस मामलें में कुछ 6 आरोपी शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि, मृतका के पिता ने बताया कि, बेटी कुछ दिनों पहले बंगाल से दिल्ली-हरियाणा टिकरी बॉर्डर के धरनास्थल के लिए निकली थी। वो किसानों के आंदोलन में हिस्सा लेने आई थी। उसके साथ बलात्कार किया गया। बाद में उसे कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसने दम तोड़ दिया।

"सरकार करा रही साजिश"
उधर, किसान प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, भाजपा सरकार आंदोलन को खत्म कराने पर आमादा है, इसलिए जबरन हमें यहां से हटाना चाहती है। एक वृद्ध किसान बोले कि, सरकार कोरोना की आड़ में अन्नदाता के आंदोलन को खत्म करने का प्रयास कर रही है। इसके लिए मनगढ़ंत बातें फैलाई जा रही हैं, मगर हम लोगों को इन पर ध्यान न देकर अपने हकों की लड़ाई जारी रखनी है। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े एक किसान नेता ने कहा कि, आंदोलन शांतिपूर्वक ही चल रहा है। सरकार को समझ लेना चाहिए कि किसान तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक कि तीनों कानून निरस्त नहीं हो जाते।












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