Delhi News: दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते BS-6 वाहनों की बढ़ी मांग, शादियां और पर्यटन उद्योग प्रभावित
Delhi News: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के गंभीर' श्रेणी में पहुंचने के बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार सुबह 8 बजे से ग्रैप-IV के तहत BS-3 और BS-4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लागू कर दिया। इस कदम का उद्देश्य पुराने डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है। हालांकि इसका सबसे बड़ा असर शादी और पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। जिससे यात्रा एजेंसियां और परिवार दोनों परेशान हो रहे हैं।
शादी के सीजन में बढ़ी मुश्किलें
दिल्ली में नवंबर और दिसंबर का महीना शादी के सीजन का पीक टाइम माना जाता है। ऐसे में इस अचानक लागू प्रतिबंध ने यात्रा एजेंसियों और परिवारों को बड़ी चुनौती में डाल दिया है। सिवाक तुआर एक ट्रैवल एजेंसी मालिक ने बताया कि शादी के लिए वाहन महीनों पहले बुक हो जाते हैं। अब प्रतिबंध के कारण हमें BS-6 और CNG वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ रही है। जो बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि हम पेट्रोल, CNG और BS-6 मानकों वाले वाहनों को जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन शादी और ट्रांसपोर्ट की जरूरतें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

टूर पैकेज और हिल स्टेशन यात्राएं भी बाधित
पर्यटन उद्योग पर भी इस प्रतिबंध का गहरा प्रभाव पड़ा है। एक अन्य ट्रैवल एजेंसी मालिक आर्यन सिन्हा ने कहा कि निकटवर्ती यात्राओं जैसे अमृतसर के लिए वाहन उपलब्ध हैं। लेकिन मनाली, मसूरी और ऋषिकेश जैसी जगहों के लिए गाड़ियां बुक करने वाले परिवारों को दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने बताया कि शादी के बड़े कार्यक्रमों में एक बार में 10-15 वाहनों की जरूरत होती है। लेकिन अब BS-6 और CNG वाहनों की उपलब्धता सीमित हो गई है।
वित्तीय दबाव और बढ़ती लागत
इस प्रतिबंध के चलते यात्रा एजेंसियों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। एक ट्रैवल एजेंसी मालिक राजेश कुमार ने कहा कि हमारे बेड़े का बड़ा हिस्सा BS-3 और BS-4 वाहनों का है। जो अब सड़क पर नहीं उतर सकते। हमें मानकों का पालन करने वाले वाहन किराए पर लेने पड़ रहे हैं। जिससे लागत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शादी और टूर बुकिंग को पूरा करने के लिए हमें अपने बेड़े को अपग्रेड करना पड़ रहा है। जो महंगा साबित हो रहा है।
पर्यटन उद्योग पर दोहरी मार
दिल्ली में वायु प्रदूषण के चलते स्कूलों के बंद होने से कई परिवार अब हिल स्टेशनों की ओर रुख कर रहे हैं। धर्मवीर सिंह पुष्प विहार स्थित कुशा ट्रैवल्स के मालिक ने कहा कि हर दिन 3-4 परिवार दिल्ली से मनाली, मसूरी और शिमला जैसी जगहों के लिए 3-4 दिन के टूर पैकेज बुक कर रहे हैं। इससे वाहनों की कमी और बढ़ गई है।
वायु गुणवत्ता अब भी गंभीर
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सोमवार और मंगलवार को 450 के पार पहुंच गया। जो सीवियर प्लस श्रेणी में आता है। बुधवार को इसमें मामूली सुधार हुआ। लेकिन यह अब भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। GRAP के तहत वायु गुणवत्ता के चार स्तर तय किए गए हैं। इसमें स्टेज 1 खराब (201-300), स्टेज 2 बहुत खराब (301-400), स्टेज 3 गंभीर (401-450), स्टेज 4 गंभीर प्लस (450 से अधिक) शामिल हैं।
BS-3 और BS-4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध से शादी और पर्यटन उद्योग पर गहरा प्रभाव पड़ा है। जबकि यह कदम वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। इसका आर्थिक और सामाजिक प्रभाव चिंता का विषय बन गया है। यात्रा एजेंसियां अब मानकों का पालन करते हुए अपनी सेवाएं देने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन बढ़ती लागत और वाहनों की कमी के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं।












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