दिल्ली: प्रदूषण के खिलाफ जंग तेज, सरकार का 'ग्रीन वॉर रूम' मंगलवार से 24 घंटे शुरू
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण के खिलाफ अपनी जंग तेज कर दी है। राजधानी में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए 15 सूत्रीय कार्य योजना शुरू की है। सर्दियों के मौसम के दौरान दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। इसको लेकर केजरीवाल सरकार ने कमर कस ली है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की कि राजधानी के 40 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों से एकत्र किए गए वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर दिल्ली के 13 वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट में से प्रत्येक के लिए अलग और विशिष्ट कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं।

वहीं, इस बीच अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि वायु प्रदूषण की निगरानी और शिकायतों के निवारण के लिए दिल्ली सरकार का नियंत्रण केंद्र 'ग्रीन वॉर रूम' 3 अक्टूबर यानी मंगलवार से चौबीसों घंटे काम करना शुरू कर देगा।
2020 में लॉन्च किए गए ग्रीन वॉर रूम में अत्याधुनिक वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरण और वैज्ञानिकों और डेटा विश्लेषकों सहित विशेषज्ञों की एक टीम है। जो दिल्ली के वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले सभी स्रोतों पर नज़र रखती है। प्रशासन को इसकी कार्य योजना लागू करने में मदद करती है। एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि ग्रीन वॉर रूम साल भर काम करता है, लेकिन 24X7 निगरानी मंगलवार से शुरू हो जाएगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शीतकालीन कार्य योजना मुख्य रूप से फसल अवशेष जलाने, धूल प्रदूषण, वाहन और औद्योगिक उत्सर्जन, खुले में कचरा जलाने, पटाखों को विनियमित करने, वृक्षारोपण, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। पड़ोसी राज्य के साथ ई-कचरे के प्रबंधन और सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया गया।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पहले धूल नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले बड़े निर्माण और विध्वंस स्थलों पर परियोजना समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। गोपाल राय ने शहर में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर व्यापक प्रतिबंध की भी घोषणा की थी।












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