Delhi Semiconductor Policy: अब ‘चिप हब’ बनेगी दिल्ली? नौकरी से निवेश तक, CM रेखा गुप्ता का बड़ा प्लान
Delhi Semiconductor Policy: दिल्ली की अर्थव्यवस्था और तकनीकी भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली सरकार ने अपनी बहुप्रतीक्षित 'दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी' (Delhi Semiconductor Policy) का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला दिल्ली को न केवल भारत, बल्कि दुनिया के नक्शे पर सेमीकंडक्टर डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने वाला है। सीएम का मानना है कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने में दिल्ली की भागीदारी को सबसे मजबूत बनाएगी।

दिल्ली बनेगी 'टेक हब': पॉलिसी के पीछे क्या है विजन?
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, सेमीकंडक्टर आज के दौर में वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही है जो इस क्षेत्र के संतुलित और व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया कि यह नीति सिर्फ कागजी नहीं होगी, बल्कि इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन (Incentives) भी दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहां इनोवेशन और बिजनेस करने की आसानी (Ease of doing business) को प्राथमिकता मिले।
पांच स्तंभों पर टिकी है यह नई नीति: क्या है सरकार का मास्टरप्लान?
इस नई सेमीकंडक्टर नीति को मुख्य रूप से पांच स्तंभों पर खड़ा किया गया है, जो इस सेक्टर के हर पहलू को कवर करते हैं:
- डिजाइन और आईपी डेवलपमेंट: इसमें चिप डिजाइन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
- अनुसंधान और नवाचार (R&D): नई तकनीक की खोज और इनोवेशन के लिए विशेष प्रावधान होंगे।
- मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट: इसमें असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) के साथ-साथ आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (OSAT) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
- टैलेंट और स्किलिंग: युवाओं को इस क्षेत्र के लिए तैयार करने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम और इंटर्नशिप शुरू की जाएगी।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम: छोटे और नए स्टार्टअप्स को मजबूती देने के लिए औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
- रोजगार की बौछार: युवाओं के लिए खुलेंगे नौकरियों के नए द्वार
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह पॉलिसी दिल्ली के युवाओं के लिए हाई-क्वालिटी जॉब्स के रास्ते खोलेगी। चिप डिजाइनिंग, सेमीकंडक्टर रिसर्च और एडवांस्ड पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में हजारों नई नौकरियों की संभावनाएं बनेंगी।
इसके लिए सरकार उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच साझेदारी (Industry-Academia Partnerships) को बढ़ावा देगी। इसका सीधा फायदा उन प्रोफेशनल को मिलेगा जो अपनी स्किल को भविष्य की तकनीक के हिसाब से अपग्रेड करना चाहते हैं।
निवेश का नया ठिकाना: स्टार्टअप और ग्लोबल कंपनियों को न्योता
सरकार का इरादा ऐसी कंपनियों को दिल्ली लाना है जो बिना अपनी फैक्ट्री लगाए चिप डिजाइन करती हैं (Fabless Companies)। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और टेस्टिंग यूनिट्स को भी रियायती दरों पर बुनियादी सुविधाएं और सब्सिडी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के साथ तालमेल बिठाकर हम निवेशकों का भरोसा जीतेंगे। ऑपरेशनल कॉस्ट यानी काम करने की लागत को कम करके दिल्ली को निवेश का सबसे आकर्षक ठिकाना बनाया जाएगा।
डिजिटल संप्रभुता और आर्थिक मजबूती: पीएम मोदी के विजन से तालमेल
सीएम रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोदी के उस विचार को दोहराया कि 21वीं सदी में सेमीकंडक्टर केवल एक उत्पाद नहीं हैं, बल्कि यह देश की तकनीकी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद हैं।
दिल्ली सरकार की यह पहल केंद्र सरकार की योजनाओं के पूरक के रूप में काम करेगी। सीएम ने भरोसा जताया कि जब यह पॉलिसी पूरी तरह लागू होगी, तो दिल्ली एक स्थायी और इनोवेशन आधारित सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम वाला शहर बन जाएगा।












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