Delhi Riots 2020: 'सत्ता बदलने की साजिश-हिंसा फैलाई, CAA विरोध बना हथियार', उमर खालिद की बेल पर दिल्ली पुलिस
Delhi Riots 2020 Affidavit: 2020 के दिल्ली दंगों की जांच में दिल्ली पुलिस ने 177 पन्नों का विकराल हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए तैयार कर लिया है। इसमें दावा किया गया है कि ये दंगे कोई सामान्य झड़प नहीं थे। बताया कि देश में सत्ता बदलने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे। पुलिस ने कहा कि CAA (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध को बहाना बनाकर हिंसा फैलाई गई, ताकि भारत की छवि दुनिया में खराब हो और अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा जाए।
खास तौर पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फरवरी 2020 की भारत यात्रा के समय ये प्लान किया गया। हलफनामा उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा समेत 9 आरोपियों की जमानत याचिकाओं के खिलाफ है। पुलिस ने गवाहों के बयान, चैट्स और दस्तावेजों से साबित करने की कोशिश की है कि ये 'गहरी साजिश' थी। आइए, पूरी कहानी समझें- क्या आरोप हैं, सबूत क्या, और केस की टाइमलाइन...

Delhi Police Claims: 'सत्ता परिवर्तन की साजिश, ट्रंप विजिट पर टाइमिंग'
दिल्ली पुलिस ने हलफनामे (Delhi Police Riots 2020 Affidavit) में कहा कि 2020 के दिल्ली दंगे, देश में सत्ता बदलने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे। आइए समझें...
- साजिश का मकसद: देश में शांति भंग करना, सत्ता बदलना और भारत की वैश्विक इमेज खराब करना।
- ट्रंप कनेक्शन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24-25 फरवरी 2020 को भारत आए थे। पुलिस के मुताबिक, दंगे 23-26 फरवरी को भड़काए गए ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान जाए। चैट्स में ट्रंप का जिक्र मिला है।
- CAA को हथियार बनाया: CAA विरोध को 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन' का नाम देकर 'कट्टरपंथी उत्प्रेरक' बनाया गया। मुस्लिम समुदाय को भड़काकर 'नरसंहार' का नैरेटिव ग्लोबल बनाना था।
- पूरे देश में प्लान: दिल्ली के अलावा UP, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक में भी हिंसा फैलाने की कोशिश हुई। पुलिस ने कहा कि ये अखिल भारतीय लामबंदी थी।
पुलिस ने कहा कि दंगे स्वतःस्फूर्त नहीं थे, सबूतों से साफ है कि ये पूर्वनियोजित थे।
Delhi Riots 2020 Affidavit Evidence: सबूत क्या हैं? गवाह, चैट्स और दस्तावेज
- गवाहों के बयान: कई गवाहों ने बताया कि उमर खालिद, शरजील इमाम ने मीटिंग्स में हिंसा भड़काने की बात की।
- चैट्स और तकनीकी सबूत: वॉट्सऐप ग्रुप्स में ट्रंप विजिट पर प्लानिंग, हथियार जुटाने की बातें।
- दस्तावेज: मीटिंग्स के नोट्स, फंडिंग के रिकॉर्ड।
- UAPA का आधार: पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने 'प्रथम दृष्टया दोष' की धारा को चुनौती नहीं दी। UAPA में 'जेल नियम है, जमानत अपवाद'।
पुलिस ने आरोपियों पर मुकदमे में देरी करने का भी इल्जाम लगाया। 'तुच्छ याचिकाएं' और 'असहयोग' से ट्रायल रुका। पुलिस ने कहा कि अगर सहयोग करें तो, 100-150 गवाहों से केस जल्दी खत्म हो सकता है।
दंगों की भयावहता: 53 मौतें, 758 FIR, करोड़ों का नुकसान
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली (जाफराबाद, सीलमपुर, मुस्तफाबाद) में हिंसा:-
- मौतें: 53 (38 मुस्लिम, 15 हिंदू)।
- घायल: 250+।
- कितना नुकसान? : 500+ घर जले, 800 दुकानें लूटी-जलाईं। राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला।
- कितनों पर FIR?: 758 (62 क्राइम ब्रांच, 695 लोकल थाने)।
Delhi Riots 2020 Accused List: आरोपियों पर क्या इल्जाम? उमर खालिद-शरजील मुख्य साजिशकर्ता
- उमर खालिद: JNU छात्र, प्रदर्शनों में स्पीच से भड़काने का आरोप।
- शरजील इमाम: 'असम काटो' स्पीच, मीटिंग्स प्लान।
- अन्य: मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा-ग्रुप्स में कोऑर्डिनेशन।
- UAPA+IPC: आतंकवाद, साजिश, हत्या, दंगा भड़काना।
Delhi Riots 2020 Timeline: अब एक नजर केस की टाइमलाइन पर
- फरवरी 2020: CAA विरोध में दंगे-53 मौतें।
- अगस्त 2020: शरजील इमाम गिरफ्तार।
- सितंबर 2020: उमर खालिद अरेस्ट।
- 2022: निचली अदालत जमानत खारिज।
- 2022-24: हाईकोर्ट अपील।
- 9 जुलाई 2025: हाईकोर्ट फैसला रिजर्व।
- 2 सितंबर 2025: हाईकोर्ट जमानत खारिज।
- 13 अक्टूबर 2025: शरजील ने बिहार चुनाव के लिए अंतरिम जमानत मांगी।
अब: पुलिस ने SC में हलफनामा दाखिल किया, जिससे आरोपियों की जमानत पर रोड़े पैदा हो सकते हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत खारिज करते कहा कि प्रथम दृष्टया सबूत मजबूत। पुलिस का अंतिम तर्क था- 'जमानत नहीं, जेल नियम'
हलफनामा SC में जल्द दाखिल होगा। क्या जमानत मिलेगी? कोर्ट फैसला करेगा। ये केस राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। पुलिस का दावा साजिश का, विपक्ष इसे 'राजनीतिक बदला' कहता है। सच्चाई कोर्ट में साबित होगी।
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