बृजभूषण सिंह के खिलाफ 7 शिकायतकर्ता पहलवानों को मिली सुरक्षा, दिल्ली पुलिस जल्द दर्ज करेगी बयान
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ आवाज उठाने वाले 7 पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा उपलब्ध करा दी है।

डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों का प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी 7 शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा मुहैया कराई। पुलिस ने उनके बयान दर्ज करने के संबंध में भी उनसे संपर्क किया। बयान जल्द दर्ज किए जाने की संभावना है। दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली पहलवानों को सुरक्षा
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली पुलिस को आदेश देते हुए कहा था कि बृजभूषण सिंह पर FIR दर्ज करने के अलावा नाबालिग पहलवान को तुरंत सुरक्षा दीजिये। और इस पूरे केस में आगे पुलिस क्या करती है इसकी पड़ताल मैं अगले हफ्ते करूंगा।
बृज भूषण सिंह ने रखा अपना पक्ष
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण सिंह (Brij Bhushan Singh) ने कहा कि मैं निर्दोष हूं और जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं। मैं जांच एजेंसी को सहयोग करने के लिए तैयार हूं। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं। उन्होंने आगे कहा, 'इस्तीफा कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन मैं अपराधी नहीं हूं। अगर मैं इस्तीफा देता हूं तो इसका मतलब होगा कि मैंने उनके (पहलवानों) आरोपों को स्वीकार कर लिया है। मेरा कार्यकाल लगभग समाप्त हो गया है। सरकार ने 3 सदस्यीय समिति बनाई है और चुनाव 45 दिनों में होंगे और चुनाव के बाद मेरा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
बृजभूषण पर क्या हैं आरोप
दरअसल, कई महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह (Brij Bhushan Singh) पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पहलवानों का उत्पीड़न किया है। पहलवानों का कहना है कि हमलोग तीन महीने से न्याय की आस में हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई न ही आरोपी के खिलाफ एफआईआर लिखी गई।
पहलवानों को मिली FIR की कॉपी
रेसलर बजरंग पूनिया ने कल बताया था कि उन्हें एफआईआर की कॉपी मिल गई है। कनॉट प्लेस थाने की पुलिस ने पहलवानों को सिर्फ एक एफआईआर दी है। पॉक्सो वाली FIR की कॉपी नहीं दी गई है।












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