Delhi News: नाबालिग रेप पीड़िता से मिलने की जिद पर अड़ी स्वाति मालीवाल, अस्पताल में धरने पर बैठीं
दिल्ली महिला आयोग की चीफ स्वाति मालीवाल नाबालिग रेप पीड़िता से मिलने की जिद पर डटी हैं। लेकिन, दिल्ली पुलिस ने उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी। ऐसे में मालीवाल अस्पताल में फर्श पर ही रात गुजार रही हैं। धरने पर बैठीं हैं।
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की चीफ स्वाति मालीवाल राजधानी के उस अस्पताल में धरने पर बैठी हैं, जहां नाबालिग रेप पीड़िता को भर्ती कराया गया है। स्वाति मालीवाल का कहना है कि मैं सुबह से यहां हूं। लेकिन, अब तक दिल्ली पुलिस ने मुझे पीड़िता और उसके परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी है। एनसीपीसीआर को अनुमति दी गई थी। लेकिन, डीसीडब्ल्यू को अनुमति नहीं दी जा रही है।
स्वाति मालीवाल ने कहा कि मैं तब तक नहीं जाऊंगी जब तक वे मुझे पीड़िता से मिलने की अनुमति नहीं देते। मैं जानना चाहता हूं कि उसे हर संभव मदद मिल रही है या नहीं? उसे उचित इलाज मिल रहा है या नहीं। महिला पैनल ने बताया कि अस्पताल के निदेशक का कहना है कि अस्पताल के अंदर मौजूद दिल्ली पुलिस के डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) और एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) ने डीसीडब्ल्यू प्रमुख को पीड़िता से मिलने की अनुमति न देने के लिए कहा है।

FIR के 8 दिन बाद भी नहीं हुई थी गिरफ्तारी
मालीवाल ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के 8 दिन बाद भी दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया था। यहां तक कि मुझे दिल्ली पुलिस के कहने पर पीड़िता से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। मैं पीड़िता से मिलूंगी और हर संभव सहायता प्रदान करूंगी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, अक्टूबर 2020 में एक 12वीं कक्षा की छात्रा अपने पिता के निधन के बाद पारिवारिक मित्र प्रेमोदय खाखा (महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक) के साथ उसके घर पर रह रही थी। जब नाबालिग कथित तौर पर गर्भवती हो गई, तो उसने आरोपी की पत्नी को सूचित किया। जिसपर खाख की पत्नी ने पीड़िता पर जबरन गर्भ गिराने का दबाव बनाया। जनवरी 2021 में लड़की अपने घर लौटी। अगस्त में उसकी तबीयत बिगडी। पीडिता की मां ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने पूरी घटना बयां की।
आरोपी पति-पत्नी गिरफ्तार
दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक प्रेमोदय खाखा पर नाबालिग लड़की से बार-बार रेप करने का आरोप है। साथ ही आरोपी की पत्नी पर पीड़िता का जबरन गर्भ गिराने का दबाव बनाने का आरोप है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद दोनों से पूछताछ की और गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक आरोपी प्रेमोदय खाखा के निलंबन के आदेश दिए हैं। आयोग ने दिल्ली पुलिस, महिला एवं बाल विकास और सेवा विभाग को भी नोटिस भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की।












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