Delhi LPG Price Today: मिडिल ईस्ट संकट के बीच दिल्ली वालों को राहत, 12 अप्रैल को कितना है LPG का भाव?
Delhi LPG Price Today: पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच भारत सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत भरी खबर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने को स्पष्ट किया है कि देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) की कोई कमी नहीं है और इसकी सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
तेल मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश को आश्वस्त किया कि भारत के पास कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट के बावजूद सप्लाई चेन सुरक्षित है और लोगों को 'पैनिक बुकिंग' करने की कोई जरूरत नहीं है।

12 अप्रैल को दिल्ली में LPG के ताजा रेट
राजधानी और आसपास के इलाकों में आज गैस की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹913.00 है, जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,078.50 पर स्थिर है। नोएडा में घरेलू सिलेंडर ₹910.50 में मिल रहा है और कमर्शियल सिलेंडर का भाव दिल्ली के बराबर ही यानी ₹2,078.50 है।
डीजल और हवाई ईंधन के निर्यात पर सरकार सख्त, 98% डिजिटल हुई गैस डिलीवरी
जहां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत दी गई है, वहीं सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों पर सख्ती बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी कर दी है। डीजल के निर्यात पर ड्यूटी ₹21.5 से बढ़ाकर सीधे ₹55.5 प्रति लीटर कर दी गई है। ATF के ईंधन पर ड्यूटी ₹29.5 से बढ़ाकर ₹42 प्रति लीटर कर दी गई है।
मंत्रालय ने बताया कि गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। अब लगभग 98 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन माध्यमों से की जा रही है। साथ ही, देश भर में 92 प्रतिशत गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब OTP वेरिफिकेशन के जरिए पूरी की जा रही है, जिससे गैस चोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगी है।
कमर्शियल गैस की सप्लाई भी पटरी पर
सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि कमर्शियल एलपीजी (19 किलो वाला सिलेंडर) की सप्लाई को अपनी क्षमता के 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। सरकार ने इस श्रेणी में कुछ खास क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
इसमें अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, होटल, ढाबे, लेबर कैंप, दवा कंपनियां (फार्मा सेक्टर) और प्रवासी मजदूरों को गैस आपूर्ति सबसे पहले सुनिश्चित की जा रही है। मिडिल ईस्ट में मचे घमासान का असर फिलहाल भारतीय रसोई पर नहीं पड़ने वाला है। सरकार ने अस्पतालों और लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बैकअप देने के लिए भी पूरी तैयारी कर ली है। ऐसे में ग्राहकों को 'पैनिक बुकिंग' (डर में आकर एडवांस बुकिंग) करने की कोई आवश्यकता नहीं है।












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