LPG Price Today Delhi: दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹2000 पार, जानें कितनी है घरेलू सिलेंडर की ताजा रेट?
LPG Price in Delhi Today: वैश्विक ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर अब भारतीय बाजार पर दिखने लगा है। बुधवार, 1 अप्रैल को सरकारी तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (LPG) और हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है।
यह इस महीने में दूसरी बार है जब कमर्शियल गैस के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे होटल और रेस्टोरेंट मालिकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। यहां जानें राजधानी में कितनी है कमर्शियल और डोमैस्टिक सिलेंडर की नई रेट लिस्ट...

Delhi में कमर्शियल LPG में भारी बढ़ोतरी, कितना बढ़ा रेट?
दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹195.5 का इजाफा किया गया है। इसके बाद कीमत बढ़कर ₹2,078.50 हो गई है, जो 7 मार्च को ₹1,883 थी। यानी एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। 7 मार्च को भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹114.50 बढ़ाए गए थे। इस तरह लगातार बढ़ती कीमतों ने होटल, ढाबा, कैंटीन और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ा दी है।
घरेलू गैस भी पहले ही हो चुकी महंगी
कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ घरेलू LPG (14.2 किलो) की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी हुई थी। 7 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर ₹60 महंगा हुआ था, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹913 पहुंच गई जो अगस्त 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ा है।
देश भर में इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं LPG के दाम?
कीमतों में इस बेतहाशा वृद्धि के पीछे मुख्य कारण मिडिल ईस्ट का संघर्ष है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के बैन के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, जहां युद्ध के कारण सप्लाई बाधित हुई है। इसका असर यह हुआ कि कच्चे तेल की किमतों में तेजी से उछाल आया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $113 से $149 प्रति बैरल के बीच झूल रही हैं। दरअसल, भारत अपनी जरूरत का 90% एलपीजी और 85% कच्चा तेल आयात करता है, जिससे वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
गैस सप्लाई में किन कंपनियों का है दबदबा?
भारत में LPG और ATF की सप्लाई मुख्य रूप से तीन सरकारी कंपनियों के हाथ में है-इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)। लगातार बढ़ती LPG और ATF की कीमतें इस बात का संकेत हैं कि ऊर्जा संकट का असर अब सीधे आम आदमी की जिंदगी पर पड़ रहा है। अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरते, तो आने वाले समय में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।।












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