Defamation Case: अरविंद केजरीवाल की बढ़ी मुश्किल, हाईकोर्ट का मानहानि केस की कार्यवाही रद्द करने से इनकार
Delhi CM Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब दिल्ली हाई कोर्ट से उनको बड़ा झटका लगा है। अदालत ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि मामले की कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दिया है।
दिल्ली बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने अरविंद केजरीवाल पर 2019 में पार्टी को बदनाम करने का आरोप लगाया था और उनके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था, जिसे अरविंद केजरीवाल ने चुनौती दी थी। आरोप लगाया गया था बीजेपी दिल्ली की मतदाता सूची से 30 लाख नाम हटाने के लिए जिम्मेदार है, जिससे मुख्य रूप से 'बनिया', मुस्लिम और अन्य समुदाय प्रभावित हुए हैं।

कार्यवाही रद्द करने से इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई हुई, जहां जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने निचली अदालत के समक्ष मानहानि की कार्यवाही को चुनौती देने वाली आप नेताओं की याचिका खारिज कर दी। उच्च न्यायालय ने 28 फरवरी 2020 को निचली अदालत के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगाने वाले अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया और पक्षों को 3 अक्टूबर को निचली अदालत में पेश होने को कहा।
केजरीवाल सहित इन नेताओं ने दी थी चुनौती
केजरीवाल और तीन अन्य आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार गुप्ता और पार्टी नेता मनोज कुमार और आतिशी ने सत्र अदालत के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने भाजपा नेता राजीव बब्बर द्वारा दायर शिकायत में उन्हें आरोपी के रूप में तलब करने के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को बरकरार रखा था।
आप नेताओं ने मजिस्ट्रेट अदालत के 15 मार्च, 2019 और सत्र अदालत के 28 जनवरी, 2020 के आदेशों को रद्द करने की मांग की थी। पार्टी की दिल्ली इकाई की ओर से मानहानि की शिकायत दायर करने वाले बब्बर ने मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने के लिए भाजपा को दोषी ठहराकर उसकी प्रतिष्ठा को "नुकसान" पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
उन्होंने दावा किया था कि आप नेताओं ने दिसंबर 2018 में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि भाजपा के निर्देश पर चुनाव आयोग ने बनिया, पूर्वांचली और मुस्लिम समुदाय के 30 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं।












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