31 दिसंबर तक पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य पर दिल्ली HC ने जताई आशंका, कहा- भगवान जाने कैसे होगा
नई दिल्ली, 5 अगस्त। कोरोना वायरस महामारी के बीच टीकाकरण अभियान युद्धस्तर पर जारी है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इस साल 31 दिसंबर तक पूरी आबादी को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो यह संभव नहीं लगता। बीते बुधवार दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कहा कि देश कोरोना के खिलाफ चल रहे वैक्सीनेशन की रेस में पिछड़ रहा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि 31 दिसंबर तक पूरी वयस्क आबादी का टीकाकरण करने का लक्ष्य पूरा होने की संभावना नहीं है।

जस्टिस विपिन सांघी और जसमीत सिंह की डिवीजन बेंच ने बुधवार को देश में टीकाकरण को लेकर टिप्पणी की। बेंच ने कहा, 'भगवान जाने क्या हम 31 दिसंबर के अपने निर्धारित लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे, लगता तो नहीं है। कल ही एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर 31 दिंसबर तक पूरी आबादी का टीकाकरण करना है तो प्रतिदिन 90 लाख लोगों को वैक्सीन की डोज दी जानी चाहिए। हम इसे कैसे हासिल करेंगे? हमारे पास उस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है और ना ही हमारी टीकाकरण की रफ्तार उतनी अधिक है।'
यह भी पढ़ें: चार वैक्सीन को एक साथ मिलाकर तैयार किया गया कोरोना टीका, स्टडी में मिले शानदार नतीजे
न्यायालय ने कहा, इससे जाहिर होता है कि हम 31 दिसंबर का लक्ष्य कभी नहीं हासिल कर पाएंगे, हमें इस सच्चाई का सामना करना होगा। बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने एडवोकेट राकेश मल्होत्रा द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। इस दौरान केंद्र ने अदालत को बताया कि महामारी के कारण असाधारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए, कोविड-19 से संबंधित नए टीकों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के अनुसंधान और विकास के लिए सीएसआर को सामान्य व्यवसाय में अनुमति देने के लिए छूट प्रदान की गई है। कुछ विशेष संगठनों के सहयोग से इस तरह के अनुसंधान और विकास की अनुमति है।












Click it and Unblock the Notifications