दिल्ली के स्कूलों में अब बच्चों को कोडिंग से लेकर वेबसाइट डिजाइन तक सिखाई जाएगी
दिल्ली सरकार स्कूल में बच्चों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा देने पर लगातार जोर दे रही है। दिल्ली सरकार ने कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए ICT यानि इंफोॉरमेशन एंड कम्यूनिकेशन करिकलम को दुरुस्त करने का फैसला लिया है। अब कंप्यूटर क्लास सिर्फ बेसिक प्रोग्राम की जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं रहेगी।
हर हफ्ते दो क्लास आईसीटी की होगी, यानि साल में 25 हफ्ते छात्र इस लर्निंग को हासिल करेंगे। फिलहाल कक्षा 6 के छात्र आईसीटी को बेहतर तरह से समझ रहे हैं, वह कंप्यूटर सिस्टम, कंप्यूटर को इस्तेमाल करने को सीख रहे हैं। साथ ही उन्हें ईमेल लिखना, चैट करना भी सिखाया जा रहा है।

छात्रों को एक्सेल शीट का इस्तेमाल करना भी सिखाया जाएगा, साथ ही ओपेन ऑफिस, आगमेंटेड रिएलिटी, इमर्सिव टेक्नोलॉजी, वर्चुअल रिएलिटी, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज स्क्रैच को सिखाया जाएगा। जिससे कि बच्चों को नए-नए टूल का बेहतर तरह से इस्तेमाल करने में मदद मिले।
कक्षा 7वीं के छात्रों को अलग-अलग तरह के प्रेजेंटेशन टूल्स, कोडिंग, वेबसाइट डिजाइन, डिजिटल फुटप्रिंट्स और सॉफ्टेवेयर अप्लिकेशन की शिक्षा दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर कौन सी जानकारी साझा करना चाहिए और कौन सी नहीं इसकी भी शिक्षा दी जाएगी।
कक्षा 8वीं के छात्रों को साइबर एथिक्स, साइबर बुलिंग, डिजिटल डिटॉक्सिफिकेशन की महत्ता, डिजिटल वेलबीइंग की शिक्षा दी जाएगी। ऐप कैसे बनाया जाएगा, उन्हें कैसे टेस्ट किया जाए, यह भी करिकुलम का हिस्सा होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एथिक्स की भी शिक्षा दी जाएगी।
आईसीटी विभाग की हेड सपना यादव का कहना है कि इससे पहले छात्रों को बेसिक प्रोगामिंग सिखाई जाती थी। तकनीक पर निर्भरता काफी बढ़ गई है, लिहाजा NEP के सुझाव पर छात्रों को इसकी शिक्षा दी जाएगी ताकि वो बेहतर तरह से इसका इस्तेमाल कर सके।












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