Delhi Film Festival: दिल्ली में पहली बार होगा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, 25-31 मार्च तक आयोजन, हर डिटेल
Delhi Film Festival from 25-31 March 2026: दिल्ली अब सिर्फ राजनीति और सत्ता का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि सिनेमा की वैश्विक राजधानी बनने की ओर कदम बढ़ा रही है। 25 से 31 मार्च के बीच राजधानी में पहली बार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली का आयोजन होने जा रहा है। एक हफ्ते तक चलने वाले इस मेगा इवेंट में 125 से ज्यादा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में फेस्टिवल का कर्टनरेजर लॉन्च करते हुए इसे राजधानी के सांस्कृतिक इतिहास का अहम पड़ाव बताया। उनके मुताबिक यह पहल दिल्ली को ग्लोबल कल्चरल और सिनेमाई हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

शहर के कई बड़े मंचों पर आयोजन (International Film Festival Delhi)
फेस्टिवल का आयोजन भारत मंडपम सहित राजधानी के कई प्रमुख स्थलों पर होगा। यह एक सरकारी पहल के रूप में शहरव्यापी आयोजन है, जिसका मकसद आम लोगों को विश्व सिनेमा से जोड़ना और दिल्ली में फिल्म संस्कृति को मजबूत करना है।
सिर्फ फिल्में दिखाने तक ही यह आयोजन सीमित नहीं रहेगा। प्रीमियर शो, स्टार-स्टडेड स्पेशल स्क्रीनिंग, चर्चित कलाकारों की मौजूदगी और दर्शकों के साथ संवाद भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
सीखने और समझने का मंच (Masterclasses and Workshops)
फेस्टिवल के दौरान फिल्मकारों और विशेषज्ञों की मास्टरक्लास, इंडस्ट्री पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इन सत्रों में सिनेमा के शिल्प और कारोबार दोनों पहलुओं पर गहराई से चर्चा होगी, ताकि युवा प्रतिभाओं को व्यावहारिक समझ मिल सके।
डिजिटल और उभरते सिनेमा के लिए खास शोकेस भी रखा गया है, जहां नई तकनीकों के जरिए हो रहे प्रयोगों को मंच मिलेगा।
फिल्म बाजार और निवेश के मौके (CineXchange Film Market)
इस फेस्टिवल का एक अहम आकर्षण CineXchange Film Market और Cineverse Expo होगा। इन्हें फिल्म पेशेवरों के लिए नेटवर्किंग, डिस्ट्रीब्यूशन और निवेश के अवसर के तौर पर डिजाइन किया गया है।
आयोजकों के मुताबिक यह पहल दिल्ली सरकार की फिल्म नीति के अनुरूप है। इसमें फिल्म टूरिज्म, टैलेंट डेवलपमेंट, इंडस्ट्री सहयोग और क्रिएटिव इकोनॉमी के विस्तार पर खास जोर रहेगा।
सिंगल विंडो सिस्टम से आसान होगी शूटिंग (Single Window Facilitation)
फिल्म निर्माताओं के लिए सिंगल विंडो सुविधा प्रणाली लागू करने की योजना है, जिससे शूटिंग और प्रोडक्शन से जुड़ी प्रक्रियाएं सरल होंगी। इसका मकसद राजधानी को फिल्म प्रोजेक्ट्स के लिए ज्यादा अनुकूल बनाना है।
इस फेस्टिवल का आयोजन दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन कर रहा है। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यह आयोजन युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच देगा और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर संवाद को बढ़ावा देगा।
दिल्ली और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का पुराना रिश्ता
दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव से पुराना नाता रहा है। 1952 में शुरू हुआ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया कई वर्षों तक दिल्ली में आयोजित होता रहा। बड़े सभागारों और सांस्कृतिक केंद्रों में स्क्रीनिंग होती थी और दुनियाभर से राजनयिक, फिल्मकार और सिने प्रेमी जुटते थे। हालांकि 2004 में इसे स्थायी रूप से गोवा के पणजी स्थानांतरित कर दिया गया।
अब दो दशक बाद दिल्ली फिर से वैश्विक सिनेमा के नक्शे पर लौटने की तैयारी में है। सात दिन तक चलने वाला यह महोत्सव तय करेगा कि क्या राजधानी सच में कला, संस्कृति और उद्योग के संगम का नया केंद्र बन पाती है या नहीं।












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