Delhi electricity tariff: दिल्ली में कितनी महंगी होगी बिजली? उपभोक्ताओं के लिए नई दरें जानिए
Delhi electricity price hike: दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमतों का तगड़ा करंट लगने जा रहा है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) की तरफ से बिजली वितरण कंपनियों को बढ़ी हुई दरों से सरचार्ज वसूलने की छूट दे दी गई है।
हालांकि, दिल्ली सरकार ने कहा है कि यह पावर परचेज एग्रीमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) की वजह से हो रहा है और दाम बढ़ने के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। दिल्ली सरकार के मुताबिक हर तीन महीने में दिल्ली विद्युत नियामक (डीईआरसी) आयोग की ओर से कीमतों की समीक्षा की जाती है।

आयातित कोयला खरीदने की वजह से बढ़ोतरी- दिल्ली सरकार
दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी के मुताबिक केंद्र सरकार जानबूझकर कोयले की किल्लत कर रही है और बिजली उत्पादन कंपनियों को 10 फीसदी आयातित कोयला खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। इसलिए, इसके उत्पादन लागत में भारी इजाफा हो गया है।
किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा कितना असर?
लेकिन, बिजली पर सरचार्ज बढ़ने से दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के बिल में करीब 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की संभावना है। आइए हम यहां यह समझने की कोशिश करते हैं कि बिजली के दाम बढ़ने से किस उपभोक्ता पर कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
200 यूनिट तक के बिल तक पर कोई असर नहीं
आतिशी के मुताबिक दिल्ली के जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य आता है, वह उसी तरह से शून्य ही आता रहेगा। सरचार्ज बढ़ना और घटना उनकी सब्सिडी में शामिल है। यानी जिनके 200 यूनिट तक फ्री बिल आते हैं, उनके बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
बिना सब्सिडी वालों का क्या होगा?
आतिशी के मुताबिक जिनके बिजली बिल बिना सब्सिडी के आते हैं, उनके बिल में प्रति यूनिट कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि, टैरिफ तो पहले से ही फिक्स हैं। लेकिन, उनके बिल पर 8% का सरचार्ज बढ़ेगा। दिल्ली के लोगों के लिए यह बहुत बड़ा झटका है। क्योंकि, खुद मंत्री ने ही बताया है कि अगर आपका बिल 100 रुपए का आता है तो अब 108 रुपए देने के लिए तैयार रहिए।
दिल्ली में बिजली की दरें
दिल्ली सरकार 200 यूनिट तक बिजली फ्री देती है। लेकिन, यदि कोई उपभोक्ता सरकारी सब्सिडी के भरोसे नहीं रहना चाहता तो उसके लिए बिजली की दर 3 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित है।
जैसे-जैसे बिजली की खपत बढ़ती जाती है, प्रति यूनिट बिजली का दाम भी बढ़ता जाता है।
- 0-200 यूनिट- 3.00/यूनिट (जो उपभोक्ता मुफ्त बिजली नहीं लेते)
- 201-400 यूनिट- 4.50 रुपए/ यूनिट
- 401-800 यूनिट- 6.50 रुपए//यूनिट
- 801-1200 यूनिट- 7.00 रुपए/यूनिट
- 1200 यूनिट से अधिक- 8.00 रुपए/ यूनिट की दर से भुगतान करना होता है।
दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई दरें
दिल्ली सरकार की मंत्री ने जो हिसाब समझाया है, उसके अनुसार ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अब और भी ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।
- 200 यूनिट तक (मुफ्त में बिजली लेने वालों को): कोई अंतर नहीं
- 100 रुपए बिजली बिल: अब 108 रुपए
- 200 रुपए बिजली बिल: अब 216 रुपए
- 300 रुपए बिजली बिल: अब 324 रुपए
- 400 रुपए बिजली बिल: अब 432 रुपए
- 500 रुपए बिजली बिल: अब 540 रुपए
- 1,000 रुपए बिजली बिल: अब 1,080 रुपए
- 2,000 रुपए बिजली बिल: अब 2,160 रुपए
- 5,000 रुपए बिजली बिल: अब 5,400 रुपए
दिल्ली में तीन कंपनियों के पास है बिजली वितरण का जिम्मा
दिल्ली में तीन कंपनियां बिजली सप्लाई करती हैं- टीपीडीडीएल (टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड), बीएसईएस राजधानी और बीएसईएस यमुना। इन सबका कंट्रोल और दरें तय करने का जिम्मा सरकारी संस्था दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के पास है।
इन इलाकों के लोगों पर बढ़ा बोझ
बढ़े हुए बिजली सरचार्ज का असर टीपीडीडीएल वाले इलाकों जैसे कि उत्तरी और उत्तर पश्चिमी दिल्ली के उपभोक्ताओं पर नहीं होगा। लेकिन, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, ट्रांस-यमुना इलाके और दक्षिणी दिल्ली के उपभोक्ताओं को नई दरों से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। इन इलाकों में बीएसईएस राजधानी और बीएसईएस यमुना बिजली सप्लाई करती हैं।












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