Delhi Election 2025: दिल्ली चुनाव में पंजाबी वोटर्स किस पार्टी को करेंगे वोट?जानें किन सीटों पर है इनका दबदबा
Delhi Election 2025: देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव का हर तरफ शोर है। 5 जनवरी चुनाव की तारीख नजदीक आते ही उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के घरों में वोट मांग रहे है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता में वापसी के लिए एड़ी चोटी का दम लगा रही है।
इस बार के चुनाव में आप का भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस से कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। ये ही वजह है कि अरविंद केजरीवाल हर वर्ग और हर समुदाय के वोटर्स को दिल जीतने की कोशिश में जुटे हैं। केजरीवाल ने अब दिल्ली के पंजाबियों के लिए बयान देकर उनका दिल जीतने का प्रयास किया है। आइए जानते हैं आखिर दिल्ली के चुनाव में पंजाबी वोटर्स क्यों इतने अहम हैं?

पहले बता दें नई दिल्ली से आम आदमी पार्टी उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल की टक्कर भाजपा के प्रवेश वर्मा से हो रही है। प्रवेश वर्मा ने बयान दिया कि "दिल्ली में हजारों की संख्या में पंजाब के नंबर की गाडि़यां घूम रही हैं। ये कौन लोग हैं, ये ऐसा कौन सा काम करने वाले हैं जिससे हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था को खतरा हो सकता है। "इस बयान पर केजरीवाल ने भाजपा पर जमकर हमला बोला है।
केजरीवाल ने कहा दिल्ली में लाखों पंजाबी रहते हैं जिनके परिवारों ने और उनके पूर्वजों ने देश के लिए न जाने कितनी क़ुर्बानियां दी है। ये बयान सुनकर मुझे बहुत पीड़ा हुई। दिल्ली को पंजाबियों ने सवारा है। पंजाबियों को देश के लिए ख़तरा बोलकर भाजपा ने दिल्ली में रहने वाले लाखों पंजाबियों को अपमानित किया है।
दिल्ली की किन सीटों पर है पंजाबियों को दबदबा?
अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर ये हमला ऐसे ही नहीं बोला है। दिल्ली की कई सीटों पर सिख समुदाय के वोटर्स उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला करते हैं। दिल्ली में सिख समुदाय को लगभग 12 प्रतिशत वोट है। दिल्ली की नौ सीटों पर सिख समुदाय के वोटर्स का दबदबा है। इन विधानभा क्षेत्र में तिलक नगर, राजौरी गार्डन, मोती नगर, राजेंद्र नगर , जनकपुरी और ग्रेटर कैलाश में पंजाबियों की संख्या अधिक है।
वर्तमान समय में किस पार्टी का है कब्जा?
बता दें इन नौ में आठ सीटों पर केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का कब्जा है। इस चुनाव में किसी भी हालत में अरविंद केजरीवाल पंजाबी वोटर्स को जाने नहीं देना चाहते हैं। इस बार के चुनाव में केजरीवाल भाजपा और उसके फ्री चुनावी वादों से घबराई हुई है। याद रहे जब तक भाजपा के साथ अकाली दल था तब तक दिल्ली के अधिकांश पंजाबी वोट भाजपा के खाते में जाते थे।
लोकसभा चुनाव में किस पार्टी को मिला पंजाबी वोटर्स का प्यार?
बता दें दिल्ली में एक सयम ऐसा था तब सिख वोटर्स कांग्रेस को वोट करते थे हालांकि ये बाद में भाजपा की ओर ट्रांसफर होने लगा। खास बात ये है कि लोकसभा चुनाव में पंजाबियों का वोट भाजपा को मिलता रहा है और भाजपा दिल्ली की चांदनी चौक, ईस्ट दिल्ली और नई दिल्ली सीट जीतती रही है जहां पर पंजाबी वोटर्स की संख्या अधिक है, लेकिन ऐसा दिल्ली विधानसभा चुनाव में नहीं देखने का अब तक मिला।
किस पार्टी को पंजाबी वोटर्स करेंगे वोट?
विधानसभा चुनाव में ये वोट बीते कुछ सालों से आम आदमी पार्टी के खाते में जाता रहा है। ये ही वजह है कि पंजाब वोटर्स की जिन सीटों पर बहुतायत है वहां पर आप की जीत होती रही है। लेकिन दिल्ली के दिग्गज नेता अरविंद सिहं लवली भाजपा में शामिल हो चुके है। ऐसे में देखना होगा कि आखिर दिल्ली के पंजाबी वोटर्स किस पार्टी पर अपना प्यार बसाएंगे।












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