Delhi Election 2025: AAP के स्टार प्रचारकों की सीटों पर कैसा हुआ प्रचार, किस ओर बही चुनावी बयार? तीन बड़ी बात
Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन इस बात में कोई दो राय नहीं कि जमीनी हालात बता रहे हैं कि इस बार सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) अबतक की अपनी सबसे कठिन चुनाव लड़ रही है। पार्टी को चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए जोरदार संघर्ष करना पड़ रहा है तो इसके ज्यादातर स्टार प्रचारकों की स्थिति तो और भी मुश्किल लग रही है।
पार्टी के ज्यादातर स्टार प्रचारकों को इस बार अपनी ही सीट बचानी भारी पड़ रही है। उन्हें अपने चुनाव क्षेत्र में प्रचार के अलावा इतना समय नहीं मिल पाया है कि वह दूसरी सीटों पर भी जाकर साथी उम्मीदवारों और पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए अपने सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल का हाथ बटा सकें।

Delhi Election 2025: अपने ही सीट बचाने में उलझे रह गए 'आप' के ज्यादातर स्टार प्रचारक
मसलन, पूर्व उप मुख्यमंत्री और पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया को हार के डर से पटपड़गंज छोड़कर जंगपुरा आना पड़ा है, जो उनके लिए नई सीट है। यहां उनके मुकाबले बीजेपी और कांग्रेस दोनों के ही प्रत्याशी बड़े धाकड़ हैं। ऐसे में उनके लिए अपनी सीट छोड़कर पार्टी के प्रचार के लिए बाहर निकलना नामुमकिन बन गया।
Delhi Election 2025 AAP star campaigners: मुख्यमंत्री आतिशी को भी कालकाजी में ही घिरे रहना पड़ गया
इसी तरह का हाल कालकाजी सीट पर मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना का भी दिख रहा है। यहां से वह दूसरी बार मैदान में हैं, लेकिन उनके मुकाबले में भाजपा ने पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी को उतारकर उन्हें बुरी तरह से घेरने की कोशिश की है।
इस बार आतिशी सिर्फ विधायकी का चुनाव नहीं लड़ रही हैं, वह मुख्यमंत्री भी हैं, इसलिए आम आदमी पार्टी की प्रतिष्ठा भी उनकी हार और जीत से जुड़ चुकी है।
कांग्रेस ने भी अलका लांबा को उतार कर उनकी राह मुश्किल करने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री होते हुए भी वह मुश्किल से एक या दो सीटों पर ही एक-आध जनसभाएं करने निकल सकी हैं।
Delhi Election 2025: गोपाल राय और सौरभ भारद्वाज के सामने भी रही मुश्किल
इसी तरह से दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज को ग्रेटर कैलाश और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय को बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र से बाहर चुनाव प्रचार का मौका नहीं मिल पाया है।
ये सभी पार्टी के बड़े नेता हैं और इसे खड़ा करने वाले दिग्गजों में शामिल हैं, लेकिन पार्टी के स्टार प्रचारक होने के बावजूद इस बार उन्हें अपनी ही सीटों में उलझकर रह जाना पड़ गया है।
Delhi Election 2025 AAP star campaigners: 'आप' के स्टार प्रचारकों के सामने खड़ी हुई मुश्किलों के पीछे की तीन बड़ी बातें
अगर आप के स्टार प्रचारक के सामने पैदा हुई इन मुश्किलों की वजह की ओर झांकने की कोशिश करें तो मुख्य तौर पर तीन बातें सामने आती हैं।
पहली, तो ये कि इस बार दिल्ली में हुए पिछले तीन चुनावों की तरह 'आप' के पक्ष में कोई लहर नहीं है, कम से कम जमीन पर तो ऐसा कुछ भी नहीं दिखा है।
दूसरी, ये कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में 10 वर्षों से ज्यादा से तीन बार से सत्ता में है, जिसकी वजह से उसे स्वाभाविक रूप से सत्ता-विरोधी लहर (एंटी-इंकंबेंसी) का भी सामना करना पड़ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, यमुना, साफ-सफाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तो यह स्पष्ट रूप से सामने नजर आ रहा है।
तीसरी, बात, जिससे पार्टी को अंदरूनी तौर पर सबसे ज्यादा संकट झेलनी पड़ रही है, वह ये है कि इसने अपने 20 मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया है। इनमें से 8 ने तो खुले तौर पर बगावत करके भाजपा का झंडा उठा लिया है।












Click it and Unblock the Notifications