Delhi Dushkarm: जब पहले से थी शिकायत तो अधिकारी की WCD में तैनाती क्यों? आतिशी ने मुख्य सचिव से पूछा
दिल्ली मुख्य सचिव को लिखे एक पत्र में मंत्री आतिशी ने कहा है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ पहले से यौन उत्पीड़न कि शिकायतें थीं। ऐसे में पत्र में उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
Delhi Dushkarm:नाबालिक से दुष्कर्म मामले में दिल्ली सरकार सख्त हो गई है। मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव से यौन उत्पीड़न के शिकायतों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सवाल किया है कि जब अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत पहले से की गई थी तो उसे डब्ल्यूसीडी में क्यों तैनात किया गया। इसके लिए दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि जब नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी डब्ल्यूसीडी अधिकारी के खिलाफ पहले से यौन उत्पीड़न की शिकायतें थीं तो उसे डब्ल्यूसीडी में क्यों तैनात किया गया।

दिल्ली में महिला एवं बाल विकास विभाग में तैनात अधिकार पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर शनिवार को दिल्ली के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने सवाल उठाए हैं कि जब अधिकारी के ऊपर पहले से यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे तो उसे डीसीडब्ल्यू में क्यों तैनात किया गया। इससे पहले सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने अधिकारी के तैनाती के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव को जिम्मेदार बताया।
दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रभार संभालने वाली मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में पूछा कि क्या आरोपी के खिलाफ शिकायतों की जांच हुई थी। इन शिकायतों की जानकारी रखने वाला सबसे वरिष्ठ अधिकारी कौन था? क्या इन शिकायतों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई? मंत्री आतिशी ने पत्र में लिखा है कि मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि डब्ल्यूसीडी विभाग के जिस अधिकारी को नाबालिग से बार-बार दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न के संबंध में पहले भी शिकायतें आई थीं।
इस पहले मंत्री आतिशी ने मीडिया के सामने दिए एक बयान मेंकहा, "16 अगस्त को सर्विसेज मिनिस्टर और विजिलेंस मिनिस्टर होने के नाते चीफ सेक्रेटरी ने सेक्रेटरी सर्विसेज और सेक्रेटरी विजिलेंस को एक आदेश दिया। 16 अगस्त के आदेशों के बाद के सेक्रेटरी ने 21 अगस्त को 10 पेज की छुट्टी लिखी और उसमें जीएनसी अमेंडमेंट का हवाला देते हुए स्पष्ट अक्षरों में कह दिया है कि हम चुनी हुई सरकार के मंत्री की बात नहीं मानते और उन्होंने अपनी चिट्ठी के 37 पैराग्राफ में कहा है चुनी हुई सरकार के पास ताकत नहीं है, अफसर के पास ताकत है, मुख्य सचिव के पास ताकत है, मंत्री के पास ताकत नहीं। ये बता उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट में लिखित दी है।"












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