Delhi Pollution: दिल्ली के 72 घंटे क्रूशियल! क्या दिवाली तोड़ेगी 4Yr का प्रदूषण रिकॉर्ड? जानें Experts की राय
Delhi Pollution News Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में हवा की गुणवत्ता (AQI) लगातार "खराब" श्रेणी में बनी हुई है। हवा की गति कम होने और दिवाली के कारण होने वाले अतिरिक्त प्रदूषण के चलते आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में और गिरावट आने की आशंका है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में बढ़ते प्रदूषण के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिवाली के पटाखों के कारण यह प्रदूषण 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में जा सकता है।

बढ़ते प्रदूषण का असर और मौजूदा AQI स्थिति (Delhi AQI Status)
- दिल्ली का AQI: 28 अक्टूबर को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 304 रिकॉर्ड किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।
- अन्य शहरों का AQI: गाजियाबाद (228), फरीदाबाद (204), ग्रेटर नोएडा (233), और नोएडा (248) की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में है, जबकि गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता 187 के साथ 'मध्यम' श्रेणी में रही।
दिल्ली में आनंद विहार की जहरीली हवा (Delhi Anand Vihar Toxic AIR)
| इलाका | स्टेट्स | AQI |
| आनंद विहार | गंभीर | 395 |
| अलीपुर | अस्वस्थ | 287 |
| बवाना औद्योगिक क्षेत्र | खराब | 268 |
| दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ टूल इंजीनियरिंग | अस्वस्थ | 225 |
| भलस्वा लैंडफिल | खराब | 200 |
| अशोक विहार चरण 2 | अस्वस्थ | 201 |
| अशोक विहार फेज 1 | खराब | 199 |
पिछले 4 सालों के मुकाबले इस साल दिवाली से पहले ही दिल्ली का औसत AQI 350 से पार
| साल | दिवाली से पहले AQI | दिवाली के बाद AQI |
| 2023 | 350+ | अनुमानित वृद्धि |
| 2022 | 312 | 302 |
| 2021 | 382 | 462 |
| 2020 | 414 | 435 |
प्रदूषण के खिलाफ खुले विशेष क्लीनिक (RML Special Clinics Against Pollution)
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने प्रदूषण के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए एक समर्पित प्रदूषण क्लीनिक शुरू किया है। यह क्लीनिक हर सोमवार को दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक खुलता है, जिसमें मरीजों को सांस की दिक्कत, त्वचा की समस्याओं और अन्य बीमारियों के लिए विशेषज्ञों से परामर्श मिलता है।
आरएमएल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में प्रदूषण के कारण आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस क्लीनिक में पल्मोनोलॉजिस्ट, त्वचा रोग विशेषज्ञ और ईएनटी विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, जो मरीजों को प्रदूषण से संबंधित बीमारियों का निदान और रोकथाम के उपाय सुझाते हैं।
कैसे बचें प्रदूषण से?
- मास्क का उपयोग करें: बाहर निकलते समय मास्क पहनें, जो प्रदूषकों को शरीर में प्रवेश करने से रोकने में सहायक हो सकता है।
- खान-पान पर ध्यान दें: पौष्टिक भोजन और अधिक पानी पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।
- घर के अंदर रहें: जब तक अत्यधिक आवश्यक न हो, बाहर जाने से बचें। घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि प्रदूषित हवा अंदर न आ सके।
- स्वास्थ्य सलाह लें: अगर, प्रदूषण से जुड़ी किसी भी प्रकार की परेशानी हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।
प्रदूषण का असर: विशेषज्ञों की राय
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। अधिकांश लोग गले में खराश, खांसी, सीने में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि त्योहारी सीजन के कारण प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं में इजाफा हो रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण सभी के लिए चिंता का विषय बन गया है। दिवाली के दौरान पटाखों के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों को अपनाकर प्रदूषण के दुष्प्रभावों से कुछ हद तक बचाव किया जा सकता है। सरकार और नागरिकों को इस गंभीर समस्या का हल निकालने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।












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