सीएम आतिशी के मंत्रिमंडल में AAP के 5 नेताओं को मिला मौका, जानिए कौन हैं दिल्ली सरकार के नए मंत्री
सीएम आतिशी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के कैबिनेट में पांच मंत्रियों को एंट्री मिली है। इन नामों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसी हफ्ते अनुमति दी थी। नई सीएम के शपथ को भव्य रूप दिया गया। कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। आतिशी दिल्ली की 9वीं और सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं, उन्हें दिल्ली की तीसरी महिला सीएम बनना के अवसर प्राप्त हुआ है। इससे पहले सुषमा स्वराज और उसके बाद शीला दीक्षित सीएम रहीं।
कौन हैं कबिनेट में शपथ लेने वाले मंत्री?
राष्ट्रपति ने जिन पांच मंत्रि पदों के शपथ ग्रहण को मंजूरी दी है, उनके लिए गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत मंत्री पद की शपथ ली। समारोह में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी मनीष सिसोदिया भी शामिल हुए।

वहीं कैबिनेट में छठवां रिक्त पद फिलहाल रिक्त ही रखा गया है। कैबिनेट में जिन पांच आप विधायकों को जगहग दी गई है, उनमें से चार मंत्री गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत और इमरान हुसैन चार पुराने मंत्री हैं। जबकि मुकेश अहलावत आतिशी कैबिनेट में नया चेहरा हैं।
कौन हैं सौरभ भारद्वाज?
सौरभ भारद्वाज आदमी पार्टी के युवा नेताओं में से एक हैं। उन्हें मार्च 2023 में अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट में मंत्री के रूप में शामिल किया गया। 2013 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और दिल्ली की प्रतिष्ठित ग्रेटर कैलाश सीट से चुनाव लड़कर बीजेपी को मात दी थी। रभ भारद्वाज पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है और इसके बाद सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट के रूप में कार्य किया है। फिलहाल सौरभ भारद्वाज स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं और दिल्ली में गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य संकट के दौरान महत्वपूर्ण कदम उठाए।
गोपाल राय
दिल्ली की राजनीति तक पहुंचने में गोपाल राय को भले ही 10 साल लग गए, लेकिन उनकी छवि पहले ही सार्वजनिक जीवन में स्थापित हो चुकी थी। गोपाल राय के अंदर बचपन से ही एक नेता वाली छवि थी। राय दिल्ली की सुर्खियों में ये तब आए जब उन्होंने 9 अगस्त 2009 से 23 अगस्त 2009 तक तीसरा स्वाधीनता आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उन्होंने संसद भवन के पास दिल्ली में जंतर-मंतर पर 15 दिनों तक अनशन किया। इसके अलावा वे भ्रष्टाचार-मुक्त भारत के लिए जन लोकपाल आन्दोलन में सक्रिय दिखे। 2012 में आम आदमी पार्टी की शुरुआत हुई तक राय पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों में से एक रहे, इसके बाद पार्टी ने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में राय को बाबरपुर विधानसभा से उम्मीदवार बना दिया। हालांकि वे यहां से जीत दर्ज नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने अपना क्षेत्र नहीं छोड़ा और जनता की सेवा करते रहे। गोपाल राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के हैं।












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