कश्मीरी पंडितों की हत्या पर बोले सीएम केजरीवाल- 'हिंदू-मुस्लिम एकता से आतंकी परेशान'
नई दिल्ली, 01 जून: कश्मीर घाटी में आतंकी संगठन भारतीय सेना से आर-पार की लड़ाई में अब हार चुके हैं, जिस वजह से वो बौखलाकर स्थानीय लोगों को निशाना बना रहे। कुलगाम के गोपालपोरा इलाके में मंगलवार सुबह हाईस्कूल टीचर रजनी बाला की आतंकियों ने हत्या कर दी। जिसके बाद से घाटी में प्रदर्शन हो रहे हैं। साथ ही कश्मीरी पंडितों की हत्या पर सियासत भी शुरू हो गई। अब इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान सामने आया है।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि घाटी में अब कश्मीरी पंडितों के साथ वही हो रहा है, जो 1990 के दशक में उनके साथ हुआ था। उन्हें उनके घरों, दफ्तरों और सड़कों पर निशाना बनाकर मार डाला जा रहा है। ये मानवता और देश के खिलाफ है। इसे रोकने के लिए कोई कुछ नहीं कर रहा। सीएम ने आगे कहा कि जब कश्मीरी पंडित इसके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करते हैं तो उनकी आवाज दबा दी जाती है। इस साल 16 कश्मीरी पंडित मारे गए हैं। मेरी मांग है कि उन्हें उच्च स्तरीय सुरक्षा दी जाए। मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि हमें कश्मीर में उन्हें फिर से स्थापित करने के लिए मिलकर काम करना होगा।
केजरीवाल के मुताबिक कश्मीर के लोग चाहते हैं कि हिंदू-मुस्लिम साथ रहें लेकिन आतंकवादियों को ये नहीं पसंद। उनको पता है कि दोनों की एकता उनके लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। मौजूदा वक्त में पंडित कश्मीर जाना चाहते हैं, लेकिन आतंकवादी अड़चन पैदा कर रहे। ऐसे में वो कहां जाएंगे?
27 साल बाद लौटी थीं रजनी
आपको बता दें कि रजनी के परिवार ने 1990 में पलायन कर दिया था। फिर उन्हें केंद्र सरकार ने विशेष पैकेज के तहत नौकरी दी। जिस वजह से वो 27 साल बाद घाटी में लौटी थीं। मंगलवार को आतंकियों ने कुलगाम के स्कूल में घुसकर उनके सिर पर गोली मार दी। जिसके बाद उनकी मौत हो गई।












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