Delhi Classroom Scam में सिसोदिया और सत्येंद्र जैन फंसे, 5 प्वाइंट में जानें क्या है यह घोटाला
Delhi Classroom Scam: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं। दिल्ली शराब नीति मामले में पहले ही सिसोदिया पर केस चल रहा है। अब वह दिल्ली के सरकारी स्कूलों में क्लासरूम कंस्ट्रक्शन स्कैम में फंसते दिख रहे हैं। एसीबी ने 2,000 करोड़ के इस घोटाले में पूछताछ के लिए सिसोदिया और दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को पूछताछ के लिए समन भेजा है।
दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सीएम रेखा भारद्वाज समेत कई बीजेपी नेताओं ने मोहल्ला क्लिनिक और स्कूलों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। जानें इस केस से जुड़ी सारी डिटेल और आप नेताओं का क्यों आ रहा है इसमें नाम।

Delhi Classroom Scam केस क्या है?
दिल्ली की एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2,000 करोड़ के क्लासरूम घोटाले में मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को समन भेजा है। आरोप है कि 2015 से 2019 के बीच सरकारी स्कूलों के क्लासरूम बनाने में कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ है। सरकारी क्लासरूम बनाने की लागत असल लागत से दोगुना से लेकर 5 गुना तक बढ़ाकर दिखाई गई है, जिसकी वजह से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
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Delhi Classroom Scam केस से जुड़ी खास बातें
- केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के चीफ टेक्निकल एग्जामिनर (CTE) की रिपोर्ट में सरकारी नियमों के उल्लंघन और मनमाने ढंग से तत्कालीन सत्ताधीन पार्टी के करीबियों को टेंडर देने का मामला सामने आया है।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोजेक्ट की लागत को 17% से 90% तक बढ़ाया गया और सरकार के करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए प्राइवेट कंसल्टेंट रखे गए थे।
- 2015 से 2019 के बीच AAP सरकार ने सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के नाम पर एक बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान किया था। इसमें 12,748 नए क्लासरूम बनाने का काम शामिल था। PWD विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, बीजेपी ने उस वक्त ही इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का मामला उठाया था।
- रिपोर्ट के मुताबिक, 12,748 क्लासरूम बनाने के लिए अनुमानित लागत 1,200 रुपये वर्ग फुट आनी थी। जब निर्माण हुआ, तो लागत बढ़कर लगभग 2,292 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई। इस तरह से सरकारी खजाने को लगभग 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
- रिपोर्ट में एक और बड़ी खामी की ओर इशारा किया गया है। इन क्लासरूम को RCC स्ट्रक्चर के बराबर लागत में बनाया गया है। RCC स्ट्रक्चर 75 साल तक चलते हैं, जबकि आप सरकार के कार्यकाल में बनाए क्लासरूम 30 साल के लिए ही हैं।
क्या फिर से जेल जाएंगे मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन?
दिल्ली शराब नीति केस और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में मनीष सिसोदिया पहले ही एक साल से ज्यादा वक्त जेल में बिता चुके हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले वह जमानत पर बाहर आए थे। उन्होंने दिल्ली चुनाव में जंगपुरा से चुनाव भी लड़ा, लेकिन करीबी मुकाबले में बीजेपी उम्मीदवार से हार गए। दिल्ली की शकूब बस्ती विधानसभा सीट से आप के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन भी 2025 विधानसभा चुनाव में हार गए थे। उन पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले पहले से चल रहे हैं।
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