Delhi Chunav Result 2025: तो दिल्ली में ऐसे पूरा हुआ कांग्रेस का मंसूबा
Delhi Chunav Result 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम आ गया। 26 साल बाद भारतीय जनता पार्टी की जहां दिल्ली में सत्ता मिली, वहीं आम आदमी पार्टी के लिए करीब 13 साल बाद यमुना किनारे सचिवालय में सत्ताधारी दल के रूप में प्रवेश का अधिकार छिन गया। इसके इत्तर कांग्रेस को भले ही एक भी सीट नहीं मिला, लेकिन वो अपने मंसूबे में सफल हुई।
आज सुबह से ही जिस प्रकार से कांग्रेस नेताओं के चेहरे पर संतोष का भाव दिखा, उससे तो यही साफ है कि दिल्ली विधानसभा में कांग्रेस रणनीतिकारों ने जिस प्रकार से अपनी रणनीति बनाई, उसमें वो सफल रही। दिल्ली की सत्ता से आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को हटाया, आज कांग्रेस के कारण ही आम आदमी पार्टी को सरकार बनाने का जनादेश नहीं मिला।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे हॉट सीटों में रही नई दिल्ली विधानसभा सीट। यहां भाजपा के प्रवेश वर्मा ने तीन हजार वोटों के अंतर से आप उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल पर जीत दर्ज की है। इसी विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे संदीप दीक्षित को चार हजार से अधिक वोट मिला। माना जा रहा है कि यदि संदीप दीक्षित नहीं होते तो ये वोट केजरीवाल के पक्ष में ही जाता।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने जिस प्रकार से आज सुबह ही बयान जारी किया, उससे भी इसी बात को बल मिलता है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक मजेदार मीम पोस्ट किया, जिसमें लिखा था, "और लड़ो आपस में।" जहां भाजपा ने अपने एनडीए सहयोगियों की मदद से दिल्ली के मतदाताओं को लुभाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, वहीं इस लड़ाई में इंडिया गुट बंटा हुआ था और सहयोगी आप और कांग्रेस इस उच्च-दांव वाली लड़ाई में कट्टर प्रतिद्वंद्वी बन गए। अभियान में कांग्रेस और आप ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा।
जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी ऐसे करीब दर्जन भर सीटों पर इस कारण चुनाव हारी है, क्योंकि वहां भाजपा और आम आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के बीच का जो अंतर है, उससे अधिक वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के कारण AAP के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगी, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को फायदा मिला। कई सीटों पर कांग्रेस ने भले ही सीधे जीत हासिल नहीं की, लेकिन उसके उम्मीदवारों को मिले वोटों ने AAP की संभावनाओं को कमजोर कर दिया।
AAP नेताओं ने इस हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर वोट काटने की रणनीति अपनाई, जिससे बीजेपी को फायदा हुआ। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी ने चुनाव में अपनी पूरी क्षमता से लड़ाई लड़ी और यह जनता का निर्णय था। कालकाजी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अलका लांबा ने कहा कि दिल्ली के गुनहगारों को दिल्ली माफ नहीं करेगी। मुझे नहीं पता कि कौन फायदे की स्थिति में है और किसे नुकसान हो रहा है; जिन लोगों ने दिल्ली को नुकसान पहुंचाया - यह उनका नुकसान है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का यह समीकरण भविष्य में बड़े बदलाव ला सकता है। अब देखना होगा कि आगे की राजनीति में यह दोनों दल क्या रणनीति अपनाते हैं।












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