Delhi CCTV: दिल्ली में अब 50 हजार हाईटेक CCTV से बदलेगी महिलाओं की सुरक्षा की तस्वीर, क्या है सरकार का प्लान
Delhi CCTV Project: राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार एक बार फिर बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। सरकार ने शहर भर में करीब 50,000 नए हाईटेक CCTV कैमरे लगाने का फैसला किया है।
यह कदम उन इलाकों पर फोकस करेगा, जहां अंधेरा रहता है या फिर सुरक्षा को लेकर पहले शिकायतें सामने आती रही हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 646.6 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

यह योजना क्यों है खास?
यह प्रोजेक्ट दिल्ली सरकार की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत राजधानी में 24 घंटे निगरानी वाली मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 'Women Safety in Delhi' योजना के तहत शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि लगातार निगरानी से अपराध पर अंकुश लगेगा और महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
कहां-कहां लगाए जाएंगे कैमरे?
पीडब्ल्यूडी के शुरुआती आकलन के अनुसार, दिल्ली के उन सभी इलाकों को चुना गया है जहां रोशनी कम रहती है या फिर महिलाओं की आवाजाही ज्यादा होती है। इन जगहों पर करीब 49,900 चार-मेगापिक्सल IP बुलेट CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे STQC मानकों के अनुसार होंगे और हर कैमरे में 512GB का लोकल स्टोरेज दिया जाएगा। इन स्थानों का चयन महिला एवं बाल विकास विभाग और दिल्ली पुलिस के इनपुट के आधार पर किया गया है।
रात में गाड़ियों पर कैसे रहेगी नजर?
रात के समय निगरानी और वाहनों की पहचान को और मजबूत करने के लिए 100 हाई-रेजोल्यूशन ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन यानी ANPR कैमरे भी लगाए जाएंगे। इनमें इन्फ्रारेड विजन होगा, जो 100 मीटर की दूरी से भी नंबर प्लेट कैप्चर कर सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग के साथ-साथ किसी भी वारदात के बाद जांच में बड़ी मदद मिलेगी।
हर पोल पर कितने कैमरे लगेंगे?
इस योजना के तहत शहर में करीब 17,000 आठ-मीटर ऊंचे पोल लगाए जाएंगे। हर पोल पर दो से तीन बुलेट कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं ANPR कैमरों के लिए 100 अलग पोल लगाए जाएंगे, जिन पर अतिरिक्त सुरक्षा कवच भी होगा। इससे कैमरों की सुरक्षा और टिकाऊपन दोनों सुनिश्चित किए जाएंगे।
बिजली और बैकअप का क्या इंतजाम है?
जहां बिजली की लाइन उपलब्ध नहीं है, वहां करीब 5,000 सोलर पैनल सिस्टम लगाए जाएंगे। इनमें लिथियम-आयन बैटरी होगी, जो कम से कम 14 घंटे का बैकअप देगी। इसके अलावा 12,100 UPS यूनिट्स भी लगेंगी, जो करीब 30 मिनट का बैकअप देंगी। कैमरों से आने वाले डेटा के लिए फायरवॉल से सुरक्षित स्टोरेज सिस्टम और एक सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर बनाने का भी प्रस्ताव है।
कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?
इस प्रोजेक्ट का खर्च कई सालों में किया जाएगा। 2025-26 में 50 करोड़ रुपये, 2026-27 में 300 करोड़ रुपये और बाकी राशि 2031-32 तक किस्तों में खर्च की जाएगी। सरकार का दावा है कि यह कदम दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को एक नई मजबूती देगा और राजधानी को और सुरक्षित बनाएगा।












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