दिल्ली में स्कूली बच्चों को ले जाने वाले कैब ड्राइवर हड़ताल पर

नई दिल्ली, 01 अगस्त। दिल्ली में स्कूली बच्चों को ले जाने वाले कैब ड्राइवर एक दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। सभी प्राइवेट कैब ड्राइवर आज हड़ताल पर हैं। इन कैब ड्राइवर्स की मांग है कि उनकी कैब को कॉमर्शियल वेहिकल का स्टेटस दिया जाए। एक कैब ड्राइवर ने कहा कि हमने दिल्ली सरकार से मदद की गुहार लगाई है, हमने उनसे अपील की है, हम किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करते हैं। हमने पहले ही कोरोना महामारी के चलते काफी मुश्किलों का सामना किया है। कैब ड्राइवर्स का कहना है कि हम दिल्ली सरकार से मांग करते हैं कि हमारी गाड़ियों को कॉमर्शिलय गाड़ी का स्टेटस दिया जाए, जिससे कि किसी भी तरह की कोई दिक्कत ना हो।

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आज स्कूल कैब ड्राइवरों की हड़ताल की वजह से अभिभावकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के माता-पिता को स्कूल भेजने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अभिभावक खुद ही बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए गए। कई स्कूलों में महिलाओं को देखा गया, वह अपने बच्चों को छोड़ने के लिए आई थीं। महिलाओं ने बताया कि कैब ड्राइवर्स की हड़ताल की वजह से काफी दिक्कत हो रही है।

वहीं कैब ड्राइवर्स का कहना है कि हमने अभिभावकों को पहले ही मैसेज करके इस हड़ताल की जानकारी दे दी थी। 1 अगस्त को सोमवार को हमने हड़ताल की जानकारी दी थी। हमने बताया था कि हमारी मांगों को लेकर हम 1 अगस्त को हड़ताल करने जा रहे हैं, लिहाजा आप स्वयं बच्चों को स्कूल भेजने की व्यवस्था करें। जिसके बाद माता-पिता खुद अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए पहुंचे।

एक अभिभावक का कहना है कि सरकार को कैब ड्राइवर्स की मांग पर विचार करना चाहिए। सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने में काफी दिक्कत होती है। भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनम सिंह चारुणी ने कैब ड्राइवर्स की हड़ताल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कैब ड्राइवर्स खुद को अकेला ना समझें। हम उनके मुद्दे के साथ खड़े हैं।

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