Delhi Assembly Special Session: रेखा गुप्ता सरकार ने बुलाया स्पेशल सेशन,महिला आरक्षण बिल पर घिरेगा विपक्ष
Delhi Assembly Special Session: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार 28 अप्रैल को दिल्ली विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र का मुख्य एजेंडा लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित '131वें संविधान संशोधन विधेयक 2026' को पारित होने से रोकने के लिए विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव (Censure Motion) लाना है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार विपक्षी दलों को बेनकाब करने के लिए यह कदम उठा रही है, जिन्होंने हाल ही में संसद में इस ऐतिहासिक बिल का विरोध कर उसे गिरा दिया था।

Women's Reservation Bill पर विपक्ष ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया: सीएम रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों की भूमिका पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि देशभर की महिलाओं को उम्मीद थी कि हालिया लोकसभा सत्र के बाद उन्हें 33% आरक्षण मिल जाएगा, लेकिन विपक्ष के अड़ियल रुख ने इसे नाकाम कर दिया। सीएम गुप्ता ने कहा- पूरे देश की महिलाओं को आशा थी कि उन्हें उनका हक मिलेगा, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों की भूमिका अत्यंत निराशाजनक रही है। उन्होंने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। विधानसभा का यह विशेष सत्र इस विश्वासघात की औपचारिक निंदा दर्ज करने के लिए बुलाया गया है।
क्या था 131वां संविधान संशोधन विधेयक?
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह विधेयक अत्यंत महत्वपूर्ण था। इसके लागू होने से लोकसभा सीटों की अधिकतम सीमा को बढ़कर 850 हो जाती वहीं 2029 के आम चुनावों तक महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना। विपक्षी दलों की एकजुटता के कारण यह बिल संसद में गिर गया। 2014 में भाजपा नीत एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है जब सरकार का कोई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पराजित हुआ है।
Delhi Assembly मेंहालिया सुरक्षा चूक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अभेद्य किले में तब्दील विधानसभा
विधानसभा सत्र से पहले सोमवार को एक उच्च स्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक (Joint Security Review Meeting) आयोजित की गई। हाल के दिनों में सुरक्षा में हुई चूक की घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा ढांचा बेहद मजबूत किया गया है। सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए गए हैं। एक्सेस कंट्रोल पॉइंट्स को और अधिक मजबूत किया गया है।
सत्र के दौरान आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए केवल गेट नंबर 1 से प्रवेश की अनुमति होगी, बाकी सभी गेट प्रतिबंधित रहेंगे। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों को भी तैनात किया गया है।
विधानसभा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन इसलिए भी सतर्क है क्योंकि इसी महीने की शुरुआत में सुरक्षा में एक बड़ी चूक हुई थी। एक व्यक्ति कार से बैरिकेड्स तोड़कर विधानसभा परिसर में घुस गया था और स्पीकर की कार पर गुलदस्ता रखकर सुरक्षित बाहर निकल गया था। इसके अलावा, हाल के दिनों में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकियां भी मिली हैं, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।














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