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CJI गवाई पर जूता फेंकने की घटना पर केजरीवाल ने जताई चिंता, कहा-दलितों को डराने की साजिश

CJI B.R. Gavai attack Incident: देश की न्यायपालिका पर एक गंभीर हमला उस समय हुआ जब मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवाई के सामने जूता फेंकने की घटना सामने आई। इस घटना देश की ज्यूडिसरी सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।

इसी के साथ दलित राजनीति भी शुरु हो गई थी अब इस घटना पर पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पूरी न्यायपालिका और दलित समुदाय को डराने की साजिश का हिस्सा हो सकता है।

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केजरीवाल ने क्या कहा?

अरविंद केजरीवाल ने CJI गवाई की शांति बनाए रखने और घटना को नजरअंदाज करने की तारीफ की और इसे उनकी महानता की तरह देखा। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे कृत्यों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कार्यकुशलता को कमजोर कर सकता है केजरीवाल ने अधिकारियों से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया जाए।

क्या हुआ था घटना के दौरान?

71 वर्षीय अधिवक्ता राकेश किशोर ने दिल्ली हाईकोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में CJI गवाई के सामने अपने जूते फेंके। यह घटना कोर्ट में मैशन घंटों के दौरान हुई। हालांकि, जूते सीधे CJI गवाई को नहीं लगे। सुरक्षा कर्मचारियों ने तत्परता दिखाई और किशोर को अदालत से बाहर निकाल दिया। बाद में, दिल्ली पुलिस ने आरोपी किशोर से पूछताछ की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किशोर ने यह कदम 16 सितंबर को CJI गवाई के एक मामले में दिए गए बयान से असंतुष्ट होने के कारण उठाया था। यह मामला मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना से संबंधित था। किशोर को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।

इन नेताओं ने हमले को कहा शर्मनाक!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी, और कई मुख्यमंत्रियों ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला और न्यायपालिका के प्रति हमले के रूप में देखा। केजरीवाल ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर CJI गवाई का मज़ाक उड़ाया जा रहा है और उन्हें धमकाया जा रहा है, लेकिन इस पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने सुझाव दिया कि यह एक संगठित अभियान हो सकता है, जिसका उद्देश्य न्यायपालिका पर दबाव डालना है।

आरोपी ने क्या कहा?

राकेश किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने यह कदम "दिव्य शक्ति के प्रभाव" में उठाया। हालांकि, इस घटना को व्यापक रूप से न्यायपालिका के प्रति अपमानजनक और अनुचित माना जा रहा है। इससे पहले, नोएडा पुलिस ने यूट्यूबर अजीत भारती को भी थोड़े समय के लिए हिरासत में लिया था।

भारती ने CJI गवाई के खिलाफ ऑनलाइन बहस में टिप्पणी की थी, जो घटना से कुछ सप्ताह पहले हुई थी। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की नकारात्मक प्रतिक्रिया है, बल्कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सम्मान पर सीधा हमला माना जा रहा है।

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