Mustafabad Name Change: दिल्ली के मुस्तफाबाद का नाम बदलने की तैयारी, मोहन बिष्ट विधानसभा में लाएंगे प्रस्ताव
Delhi Mustafabad Name Change: दिल्ली के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र का नाम बदलने की कवायद तेज हो गई है। BJP विधायक मोहन सिंह बिष्ट शुक्रवार (28 मार्च) को दिल्ली विधानसभा में मुस्तफाबाद का नाम बदलने के लिए प्रस्ताव पेश करेंगे।
चुनाव के दौरान उन्होंने वादा किया था कि यदि वे जीतते हैं तो इस इलाके का नाम बदलवाने की दिशा में कदम उठाएंगे। अब वे अपने इस वादे को पूरा करने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि मुस्तफाबाद का नया नाम 'शिवपुरी' या 'शिवविहार' हो सकता है।

मुस्तफाबाद का नाम क्यों बदलना चाहते हैं विधायक?
विधानसभा चुनाव के दौरान मोहन सिंह बिष्ट ने कहा था कि वह 1998 से 2008 तक इस क्षेत्र के विधायक रहे हैं और यहां की परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने बिना किसी भेदभाव के क्षेत्र का विकास किया है। लेकिन जब नाम बदलने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि यहां 58% एक समुदाय के लोग हैं, जबकि 42% दूसरे समुदाय के। इसलिए बहुसंख्यक समुदाय के सम्मान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुस्तफाबाद की राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि
मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में 40 से 42 फीसदी मुस्लिम आबादी है। यह क्षेत्र साल 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान भी प्रभावित हुआ था। राजनीतिक रूप से भी यह सीट काफी महत्वपूर्ण रही है। 1998 में मोहन सिंह बिष्ट करावल नगर से विधायक चुने गए थे और 2015 तक लगातार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। लेकिन 2015 में आम आदमी पार्टी (AAP) के कपिल मिश्रा ने उन्हें हराया था। हालांकि, 2020 के चुनाव में उन्होंने AAP के दुर्गेश पाठक को हराकर फिर से विधायक का पद हासिल किया।
अब आगे क्या होगा?
अगर विधानसभा में यह प्रस्ताव पास होता है, तो सरकार को इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजना होगा। अगर केंद्र सरकार इसे स्वीकार करती है, तो आधिकारिक रूप से मुस्तफाबाद का नाम बदलकर 'शिवपुरी' या 'शिवविहार' हो सकता है। हालांकि, इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
मुस्तफाबाद का नाम बदलने की कोशिश राजनीति के नए समीकरण बना सकती है। जहां एक ओर विधायक मोहन सिंह बिष्ट इसे बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह मुद्दा विवादित भी हो सकता है। अब देखना यह होगा कि विधानसभा और जनता इस फैसले को कैसे लेती है।












Click it and Unblock the Notifications