दिल्ली के हंसराज कॉलेज में गरमाया नॉनवेज पर बैन का मुद्दा, जानिए क्या है पूरा मामला
दिल्ली के हंसराज कॉलेज में नॉन- वेज फूड पर बैन को लेकर कुछ छात्रों ने विरोध किया। मामले की जांच के लिए डीयू प्रशासन ने 7 सदस्यीय कमेटी गठित की है।

Non-Veg ban in Hansraj College: दिल्ली के हंसराज कॉलेज में मांसाहारी भोजन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है। जिसका कुछ छात्र संगठन विरोध कर रहे हैं। मामले में जांच के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने 7 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध हंसराज कॉलेज में छात्रों के विरोध पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। डीयू के कुलपति योगेश सिंह ने हंसराज कॉलेज परिसर में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध को लेकर विरोध के एक 'तुच्छ' मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि अगर हंसराज कॉलेज के प्राचार्य आर्य समाज के मूल्यों को महाविद्यालय में लागू करना चाहते हैं तो इसमें छात्रों को उनका सहयोग करना चाहिए। मांसाहार पर प्रतिबंध के विरोध से जुड़े मामले की जांच को लेकर वीसी ने कहा, "मैं कॉलेज परिसर में इस तरह के व्यवहार की अनुमति नहीं दूंगा, इसलिए मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की गई है"।
एक टीवी इंटरव्यू में दिल्ली विश्वविद्यालय के वीसी योगेश सिंह ने दावा किया कि मांसाहारी प्रतिबंध पर विरोध और डीयू कैंपस में विवादास्पद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को प्रदर्शित करने का प्रयास अराजकता पैदा करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह के व्यवहार की अनुमति नहीं है।
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क्या है मामला?
दरअसल, इस साल जनवरी में हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल रमा शर्मा ने हंसराज कॉलेज के छात्रावास और कैंटीन में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्राचार्य ने अपने निर्णय में कहा है कि ये निर्णय आर्य समाज के मूल्यों की रक्षा के लिया गया। प्रिंसिपल रमा शर्मा ने कहा कि यह एक आर्य समाज कॉलेज है। कॉलेज के 90 फीसदी छात्र शाकाहारी हैं और उन्होंने छात्रावास में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। प्राचार्य की ओर ये दावा किया गया कि छात्रावास के प्रॉस्पेक्टस में उल्लेख किया गया है कि परिसर में कोई भी मांसाहारी भोजन नहीं परोसा जाएगा।












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