केजरीवाल के आरोप पर बोले रविशंकर, नहीं होते जजों के फोन टैप
कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ ऐसा कह दिया था जिसका जवाब केंद्रीय मंत्री ने दिया।
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट की 50वीं सालगिरह के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कुछ ऐसा बोल दिया जिसका जवाब कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने संबोधन के दौरान ही दिया।
दरअसल केजरीवाल ने कहा था कि मैंने कुछ न्यायधीशों को बात करते हुए सुना है कि फोन पर बात मत करना, फोन टैप हो रहे हैं। मैंने पूछा कि ऐसा नहीं हो सकता कि जजों के फोन टैप नहीं हो सकते तो वो कहते हैं नहीं हो रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह सच या झूठ लेकिन अगर ऐसा हो रहा है तो बड़ा खतरनाक है।
केजरीवाल ने कहा था
उन्होंने कहा कि अगर कोई न्यायधीश कुछ गलत काम कर भी रहा है तो फोन टैपिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। सबूत किसी और तरह से भी जुटाए जा सकते हैं। अन्यथा यह न्यायपालिका की आजादी पर सबसे बड़ा हमला हो सकता है।
इस दौरान केजरीवाल ने मांग कर डाली की कॉलेजियम की ओर से की गई सिफारिशों के लिए कोई नियम होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक कोई नियम नहीं है तब तक के लिए कॉलेजियम की ओर से सिफारिश भेजे जाने के 48 घंटे के भीतर केंद्र सरकार उन्हें लागू कर तुरंत न्यायधीशों की नियुक्ति कर दें ताकिर एक संदेश जाए कि हम हर संस्था का सम्मान करते हैं।
रविशंकर ने दिया जवाब
इसके बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मै आज किसी विवाद का हिस्सा नहीं बनना चाहता लेकिन मैं इस बात से इनकार करता हूं कि भारत में न्यायधीशों को फोन टैप किये जाते हैं।
कॉलेजियम के मुद्दे पर प्रसाद ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को हल करने के लिए भी काम कर रही है।
केजरीवाल ने न्यायपालिका की आजदी पर भी अपनी बात रखी थी, जिस पर प्रसाद ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार न्यायपालिक की आजादी के प्रति प्रतिबद्ध है।
गृहमंत्रालय ने भी कहा नहीं हुए कोई फोन टैप
इस मसले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी कहा है कि किसी भी जज का कोई फोन टैप नहीं हुआ है।












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