दिल्ली HC ने दिया केजरीवाल को बड़ा झटका! गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका के साथ-साथ बेल प्ली भी खारिज
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने उन्हें विशेष न्यायाधीश के पास जाने का निर्देश दिया है।
केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित दिल्ली शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। अंतरिम जमानत के लिए भी दी गई केजरीवाल की याचिका खारिज कर दी गई है।

क्या है दिल्ली शराब घोटाले से जुड़ा पूरा मामला?
विवाद तब शुरू हुआ जब केजरीवाल सरकार ने 17 नवंबर 2021 को आबकारी नीति 2021-22 लागू की। इस नीति के तहत शराब की दुकानों का नियंत्रण सरकार से लेकर निजी संस्थाओं को सौंप दिया गया। दिल्ली सरकार ने दावा किया कि इस कदम से माफिया प्रभाव खत्म होगा और राजस्व में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, इसे शुरू से ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और बढ़ते विरोध के कारण अंततः 28 जुलाई 2022 को इसे रद्द कर दिया गया।
यह कथित घोटाला 8 जुलाई 2022 को तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट के जरिए सामने आया था। रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं पर गंभीर कदाचार का आरोप लगाया गया था। इसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की, जिसके बाद 17 अगस्त 2022 को मामला दर्ज किया गया।
अबतक के जांच और आरोप
सीबीआई की जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप सामने आए, जिसके बाद ईडी ने आगे की जांच के लिए एक अलग मामला दर्ज किया। मुख्य सचिव की रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया पर शराब नीति को गलत तरीके से तैयार करने का आरोप लगाया गया था। उस समय सिसोदिया के पास आबकारी विभाग का प्रभार भी था। आरोप है कि इस नई नीति के तहत लाइसेंसधारी शराब व्यापारियों को अनुचित लाभ दिया गया।
केजरीवाल ने दोनों एजेंसियों की गिरफ़्तारियों को चुनौती दी और उनकी वैधता पर सवाल उठाए। उनके प्रयासों के बावजूद, उच्च न्यायालय ने अपना रुख बनाए रखा और उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इस फैसले ने केजरीवाल के पास इन गंभीर आरोपों से निपटने के लिए सीमित कानूनी विकल्प छोड़े हैं।
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