देश की राजनीति में क्यों अहम है अरविंद केजरीवाल का 'गुजरात में बैल से दूध निकालने' वाला बयान
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले कुछ दिनों से लगातार राष्ट्रीय मुद्दों पर भाजपा को घेर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय पार्टी बनने के बाद अरविंद केजरीवाल का हर बयान उनकी नई रणनीति का संकेत है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतना मामूली बात नहीं है। पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल बोले कि गाय से दूध तो सभी निकालते हैं, लेकिन गुजरात में पांच सीटें जीतना बैल से दूध निकालने के बराबर है। सियासी गलियारों में अरविंद केजरीवाल के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। लेकिन, अरविंद केजरीवाल के इस बयान के पीछे की रणनीति कुछ और ही है।
'भाजपा का विकल्प केवल AAP'
दिल्ली के एमसीडी चुनाव में प्रचंड बहुमत और गुजरात में मिले वोट शेयर के जरिए आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बनाने के बाद अरविंद केजरीवाल का अपनी टीम और कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश है कि देश में अगर भाजपा का कोई विकल्प है, तो वो आम आदमी पार्टी है। अरविंद केजरीवाल जब ये बात कहते हैं कि गुजरात में उन्होंने बैल से दूध निकाला है, तो उनका इशारा एकदम स्पष्ट है कि भाजपा के गढ़ में जाकर अगर कोई उसे चुनौती दे सकता है तो वो आम आदमी पार्टी है। और, अपने कार्यकर्ताओं-नेताओं से अरविंद केजरीवाल अपने इस इशारे से 2024 के लोकसभा चुनाव में जुटने का आह्वान कर रहे हैं।
विपक्ष को संदेश- अब AAP फ्रंट फुट पर है
अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के जरिए विपक्ष को भी एक संदेश दिया है। गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस लगातार इस बात का दावा कर रही थी कि वो साइलेंट चुनावी अभियान के जरिए इस बार भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी। लेकिन, जब नतीजे आए तो कांग्रेस का दावा हवा-हवाई साबित हुआ। हालांकि कांग्रेस ने इस बात को खुले तौर पर स्वीकार किया आम आदमी पार्टी के होने से उन्हें नुकसान हुआ है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल का ये कहना कि वो गुजरात में बैल से दूध निकाल लाए, विपक्ष को संदेश है कि अब आम आदमी पार्टी फ्रंट फुट पर है, और उन्हें कम आंकना विपक्ष के लिए घातक होगा।
दूसरे राज्यों के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा दिया
एमसीडी चुनाव और गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी की निगाहें अब उत्तर प्रदेश में होने जा रहे नगर निकाय चुनाव पर हैं। यूपी नगर निकाय में अभी तक भाजपा का ही दबदबा है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल अपने बयान के जरिए दिल्ली से अलग दूसरे राज्यों के कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा रहे हैं कि जब आम आदमी पार्टी गुजरात में भाजपा के किले में घुस सकती है तो फिर यूपी नगर निकाय चुनाव में उसे चुनौती देना कौन सा मुश्किल काम है। अरविंद केजरीवाल ने कार्यकारिणी की बैठक के जरिए कार्यकर्ताओं को बता दिया है कि अगर वो पूरी ताकत से चुनाव में जुटें तो यूपी में भाजपा के सामने केवल आम आदमी पार्टी ही नजर आएगी।












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