दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बीच करार, केजरीवाल बोले-ये देश की धरोहर है
नई दिल्ली, 07 जून: दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बीच एग्रीमेंट साइन हुआ है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, हमारा मकसद है कि हम अपने खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत दे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग दे। इसी मकसद से दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाया गया है। आज दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और पूर्वी लंदन यूनिवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन पर जो हस्ताक्षर हुआ है उसका ये ही मकसद है।

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही एक बड़े विजन को लेकर दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनी है। भारत के हर नागरिक के दिल में एक बात की टीस करती है कि 130 करोड़ लोगों के देश से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम चंद मेडल ही जीतने में कामयाब हो पाते हैं। इसके लिए हमने कई लोगों से चर्चा की और उसके लिए यह यूनिवर्सिटी बनाई है। हमारा मकसद है कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा ओलंपिक में मेडल जीते।
उन्होंने कहा कि कर्णम मल्लेश्वरी जब इसकी वाइस चांसलर बनी थीं, तब हमने इनसे कहा था कि आपको भारत के हर नागरिक का यह सपना पूरा करना है। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की सक्सेस इसी बात से मापी जाएगी कि अगले ओलंपिक में कितने मेडल मिले। यह यूनिवर्सिटी दिल्ली ही नहीं पूरे देश की धरोहर है। यह पहला माइलस्टोन है। इतने कम समय में हमने यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन के साथ एप्रोच किया और आज यह एग्रीमेंट हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन का ओलंपिक में काम का अनुभव रहा है।
खेल विश्वविद्यालय बनाए जाने के लिए सलाहाकार फर्म की नियुक्ति करने के साथ ही दिल्ली सरकार ने 50 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है। इस फर्म को तीन माह में खेल विश्वविद्यालय का डिजाइन बनाने का लक्ष्य सौंपा गया है। ऐसे में उम्मीद है कि साल के अंत तक विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।












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