पिछले दो दिनों में 'बुरे' से भी 'बदतर' हुई Delhi-NCR की हवा, लकमल ने कर दी उल्टी

दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर खतरनाक वायु प्रदूषण के बादल छा गए हैं और लोग फिर बेहाल हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के अनुसार यहां पर पिछले 24 घंटों में वायु की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता पिछले दो दिनों में एक बार फिर काफी बदतर हो गई है। हालिया AQI डाटा के मुताबिक दिल्ली के लोधी रोड और उसके आसपास के इलाके हवा की गुणवत्ता से सबसे ज्यादा खराबी देखी गई है। यहां सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। यहां PM 10 और PM 2.5 सबसे सबसे बुरे स्तर पर पहुंच गए हैं। AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) पर इंडिया गेट के आसपास मंगलवार को वायु की गुणवत्ता 258 रिकॉर्ड की गई है, जो काफी खतरनाक है। इसी बीच दिल्ली में हो रहे श्रीलंका-भारत के मैच के दौरान लंका का तेज गंदबाज सुरंगा लकमल उल्टी करने लगा।

पुराने फॉर्म में प्रदूषण

पुराने फॉर्म में प्रदूषण

दिल्ली एनसीआर में वायु का गिरता स्तर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिनों प्रदूषण के मामले में स्थिति और भी भयावह थी। हालांकि दिल्ली का प्रदूषण खराब और ज्यादा खराब के बीच ही मंडरा रहा था लेकिन 13 नवंबर के बाद अत्याधिक खरब और खतरनाक स्थिति में नहीं आया था। एयर क्वालिटी इंडेक्स में 7 नवंबर से 13 नवंबर के बीच दिल्ली को प्रदूषण के मामले में सबसे खबार और खतरनाक स्थिति में डाल दिया गया था।

NGT ने ‘आप' को लगाई फटकार

NGT ने ‘आप' को लगाई फटकार

NGT ने शहर में वायु प्रदूषण से निपटने के तरीकों पर एक व्यापक कार्रवाई योजना दाखिल नहीं करने को लेकर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई। साथ ही खराब वायु गुणवत्ता होने के बावजूद भारत-श्रीलंका क्रिकेट मैच करवाने को लेकर अधिकारियों की भी आलोचना की। एन.जी.टी. अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार ने विशेष आदेश के बावजूद रिपोर्ट दाखिल करने में आप सरकार के नाकाम रहने पर एतराज जताया। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने कहा कि उसे कार्रवाई योजना दाखिल करने के लिए और वक्त चाहिए क्योंकि मुख्य सचिव और पर्यावरण सचिव का हाल ही में तबादला हुआ है। अधिकरण ने सरकार को अगले 48 घंटों के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

क्या है पीएम 10 और पीएम 2.5

क्या है पीएम 10 और पीएम 2.5

पीएम 10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर कहते हैं। इन कणों का साइज 10 माइक्रोमीटर होता है। इससे छोटे कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या कम होता है। यह कण ठोस या तरल रूप में वातावरण में होते हैं। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल हैं। वातावरण में सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड भी गैस के रूप में धुएं से निकलते हैं। डब्ल्यूएचओ के मानक 20 से ज्यादा तक है। वहीं, नाइट्रोजन के ऑक्साइड्स की मात्रा 55 से 75 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। यह डब्ल्यूएचओ के 40 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से काफी ज्यादा है।

मास्क पहनकर उतरे श्रीलंकाई, लकमल को हुई उल्टी

मास्क पहनकर उतरे श्रीलंकाई, लकमल को हुई उल्टी

दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर भारत के खिलाफ खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच के चौथे दिन मंगलवार को एक बार फिर श्रीलंकाई खिलाड़ी मैदान पर मास्क पहन कर उतरे। वहीं तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल ने बीच मैदान पर उल्टी की। चौथे दिन नौ विकेट के नुकसान पर 356 रनों से आगे खेलने उतरी श्रीलंकाई टीम छह ओवरों में कुल 373 रनों पर ही सिमट गई। इसके बाद जब भारत ने अपनी दूसरी पारी शुरू की तो मेहमान टीम के तकरीबन सात खिलाड़ी मास्क पहनकर मैदान पर उतरे।

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