47 दिन बाद कितनी बदली दिल्ली के श्मशानों और कब्रगाहों की सूरत

नई दिल्ली, 31 मई: 47 दिनों बाद राजधानी में शनिवार को ऐसा दिन आया जब कोविड प्रोटोकॉल के तहत 100 के कम शवों का अंतिम संस्कार किया गया। दिल्ली के तीनों नगर निगमों के आंकड़ों के मुताबिक उस दिन सिर्फ 82 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, जिनमें से 79 का दाह संस्कार कराया गया और 3 शव दफनाए गए। हालांकि, दिल्ली में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं और दिल्ली सरकार पर सही आंकड़े छिपाने के भी आरोप लग रहे हैं। लेकिन, फिर भी अगर कोविड प्रोटकॉल के तहत अंतिम संस्कार की संख्या में कमी नजर आ रही है तो यह दूसरी लहर से उबरने के एक अच्छे संकेत जरूर कहे जा सकते हैं।

13 अप्रैल से बदल गई थी श्मशान भूमि की सूरत

13 अप्रैल से बदल गई थी श्मशान भूमि की सूरत

पिछली बार दिल्ली में 12 अप्रैल को 100 से कम शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था। उस दिन 77 शवों का या तो दाह संस्कार हुआ या उन्हें दफनाया गया था। लेकिन, एक दिन बाद ही दूसरी लहर ने कहर ढाना शुरू कर दिया और शवों की संख्या 170 पहुंच गई थी। अप्रैल के आखिर में तो कोरोना ने जैसे राजधानी को तबाह ही करना शुरू कर दिया था और एक दिन में 700 से भी ज्यादा अंतिम संस्कार होने लगे। लेकिन, मई के दूसरे हफ्ते से यह रफ्तार धीमी होनी शुरू हुई और उसके बाद से लगातार इसमें गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली की सबसे बड़ी श्मशान भूमि निगमबोध घाट पर शनिवार को 10 शव दाह संस्कार के लिए लाए गए, जबकि दूसरी लहर की चरम स्थिति में यह संख्या 100 तक पहुंच चुकी थी। इसी तरह गाजीपुर ने भी एक दिन में 20-20 तक चिताएं देखीं, लेकिन शनिवार को यहां सिर्फ 6 कोविड शव ही दाह संस्कार के लिए लाए गए।

मौत और अंतिम संस्कार के आंकड़ों में अंतर क्यों ?

मौत और अंतिम संस्कार के आंकड़ों में अंतर क्यों ?

हालांकि, दिल्ली सरकार रोजाना जो हेल्थ बुलेटिन जारी करती है उसके मुताबिक कोविड से हुई मौतों और हर रोज कोविड प्रोटोकॉल के तहत राजधानी में होने वाले अंतिम संस्कार के आंकड़ों में अंतर अभी भी बरकरार है। एमसीडी के मुताबिक 26 मई को 106, 27 मई को 108, 28 मई को 101 और 29 मई को 82 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत दाह संस्कार संपन्न हुआ। लेकिन, दिल्ली सरकार की हेल्थ बुलेटिन के हिसाब से इन चार दिनों में कोविड से मौतों का यह आंकड़ा क्रमश: 122, 139, 117 और 130 रहा है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अफसर ने कहा है, 'आंकड़ों में थोड़ा सा अंतर है, लेकिन सरकार ने कभी भी आंकड़े छिपाने का काम नहीं किया है। 'उन्होंने दावा किया कि कई बार एनसीआर से भी दाह संस्कार या दफनाने के लिए लोग कोविड शवों को दिल्ली लेकर आ जाते हैं और इसका ठीक उलटा भी होता है। उनके मुताबिक कई बार अस्पताल से भी अपडेट करने में देरी हो जाती है।

मौतों के आंकड़े छिपा रही है दिल्ली सरकार- मेयर

मौतों के आंकड़े छिपा रही है दिल्ली सरकार- मेयर

लेकिन, नॉर्थ एमसीडी के मेयर जय प्रकाश का आरोप है कि दिल्ली सरकार 'महामारी की शुरुआत से आंकड़े दबा रही है और अब अपनी और अपने अस्पतालों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की नाकामी छिपाने के लिए उन्हें क्लीयर करती जा रही है।' इस बीच साउथ एमसीडी के सदन के नेता नरेंद्र चावला ने कहा है कि कोविड के लिए निर्धारित श्मशानों की जगह में से लगभग 10 फीसदी का इस्तेमाल हुआ है, जिसे गैर-कोविड केस के लिए खोल दिया जाएगा।

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