Delhi Chunav: AAP ने BJP पर लगाया दिल्ली में रोहिंग्याओं को बसाने का आरोप, पार्टी ने दिया ये जवाब
Delhi Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दिल्ली में रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने का आरोप लगाया है और सार्वजनिक रूप से उनकी आलोचना की है। भाजपा ने जवाब देते हुए कहा कि असली मुद्दा वैध शरणार्थियों का नहीं, बल्कि दिल्ली और अन्य राज्यों में लाखों अवैध रोहिंग्या मुसलमानों और बांग्लादेशियों की मौजूदगी का है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी,राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत आप के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की ओर से एक्स पर 2022 की पोस्ट को हाईलाइट किया। उन्होंने दावा किया कि यह दिल्ली के बक्करवाला इलाके में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के फ्लैटों में रोहिंग्याओं को आवास देने में भाजपा की संलिप्तता का सबूत है।

सिसोदिया ने एक्स पर हिंदी में लिखे पोस्ट में कहा,'हरदीप पुरी के ट्वीट से साबित होता है कि भाजपा ने रोहिंग्याओं के विरोध का दिखावा करते हुए उन्हें दिल्ली में बसाने की साजिश रची। उन्होंने उन्हें ईडब्ल्यूएस फ्लैट,सुरक्षा और सुविधाएं दीं,लेकिन अपनी नफरत भरी बयानबाजी से जनता को गुमराह किया। यह भाजपा की गंदी और धोखेबाज राजनीति है।'
आतिशी ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त कीं और कहा,'भाजपा अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाने के लिए इतनी बेताब थी कि वे रोहिंग्याओं को दिल्ली में लाने और बसाने में अपनी भूमिका भूल गए। हरदीप पुरी के ट्वीट ने दिल्ली के लोगों के सामने सच्चाई उजागर कर दी है।'
आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया
दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए आप नेताओं पर दिल्ली को प्रभावित करने वाले मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए निराधार बयानबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्राथमिक चिंता कानूनी शरणार्थियों की नहीं, बल्कि कई राज्यों में अवैध रूप से रह रहे लाखों रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की है।
भाजपा की ओर से जारी बयान में सचदेवा के हवाले से कहा गया,'असली मुद्दा कानूनी शरणार्थियों का बसना नहीं है,बल्कि लाखों अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों की मौजूदगी है,जो न केवल दिल्ली में बल्कि उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड,हिमाचल प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में भी हैं।'
ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक तनाव
रोहिंग्या बस्तियों को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। 2022 में AAP ने रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर चिंता जताई थी। तब बीजेपी ने कहा था कि शरणार्थी अलग मामला है,लेकिन घुसपैठियों को फ्लैट में रखने के बजाय हिरासत में रखा जाना चाहिए।
आप और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि दोनों पार्टियां एक दूसरे पर फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले जनता को गुमराह करने का आरोप लगा रही हैं। दोनों पक्ष एक दूसरे पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाते हुए जनता की राय को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।












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