ABP-C Voter Survey: उत्तराखंड में इस बार भाजपा को हो सकता है 23 सीटों का भारी नुकसान, AAP बिगाड़ सकती है खेल
एबीपी न्यूज और सीवोटर ने चुनावों से ठीक पहले उत्तराखंड की जनता का मूड जानने की कोशिश की, जिसके आधार पर उसने कुछ अनुमान भी पेश किए हैं। आइए डालते हैं एबीपी और सीवोटर के सर्वे पर एक नजर...
देहरादून, 10 जनवरी। देश के 5 राज्यों उत्तर प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में चुनावी बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने इन राज्यों में चुनावों की तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही देख के तमाम समाचार चैनल व एजेंसियां जनता का मूड भांपने यानी सर्वे में जुट गई हैं। इसी कड़ी में एबीपी न्यूज और सीवोटर ने चुनावों से ठीक पहले उत्तराखंड की जनता का मूड जानने की कोशिश की, जिसके आधार पर उसने कुछ अनुमान भी पेश किए हैं। आइए डालते हैं एबीपी और सीवोटर के सर्वे पर एक नजर...

सर्वे की मानें को उत्तराखंड के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिलेगी। सर्वे की मानें तो उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत की लोकप्रियता में लगातारा इजाफा हुआ है जबकि भाजपा नेता और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंध धामी की लोकप्रियता जनता में कम हुई है। हरीश रावत को इस बार राज्य की 37% जनता का समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है, जबकि पुष्कर सिंह धामी को 29% जनता का समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी की उपस्थिति ने इस बार के चुनाव को और भी रोचक बना दिया है।
सर्वे की मानें तो भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने चुनावी कैंपेन में कोई कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन उसके बावजूद किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत का आंकड़ा नसीब होता दिखाई नहीं दे रहा है। बता दें कि उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीटें हैं जिनमें से 31-37 सीटें बीजेपी को जबकि कांग्रेस के खाते में 31-36 सीटें आती दिखाई दे रही हैं। सर्वे में आप को 2 से 4 सीटों पर विजयी बनाया गया है। बता दें उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 35 सीटों का आंकड़ा छूना होगा।
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वहीं यदि पार्टियों को मिलने वाले वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजका के वोट शेयर में कमी दिखाई गई है। सर्वे के अनुसार 2017 के मुकाबले भाजपा का वोट शेयर 46.5% से नीचे खिसककर 38.6% पर आ सकता है। वहीं कांग्रेस के वोट शेयर में इजाफा होता दिखाई दे रहा है। सर्वे की मानें तो इस बार के चुनावों कांग्रेस का वोट शेयर बढ़कर 37.2% हो सकता है, हालांकि यह भाजपा को मिलने वाले वोट शेयर से फिर भी कम ही है, लेकिन साल 2017 में पार्टी को मिले वोट शेयर से ज्यादा होगा। गौरतलब है कि साल 2017 में भाजपा को उत्तराखंड में प्रचंड जीत मिली थी। पार्टी को जहां 70 में से 57 सीटों पर जीत मिली, वहीं पार्टी का वोट शेयर भी 46.5% रहा, लेकिन इस बार पार्टी के वोट शेयर में 8% की गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं, इस बार भाजपा को 2017 के मुकाबले 23 सीटें कम मिलती दिखाई दे रही हैं। बता दें कि ये आंकड़े एबीपी और सीवोटर के सर्वे के आधार पर जारी किए गए हैं, जो वास्तविकता के करीब भी हो सकती हैं। हालांकि हकीकत तो चुनावों के परिणाम सामने आने पर ही पता चलेगा।












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