पूर्व सीएम कमलनाथ के शिकारपुर बंगले पर परासिया विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच हुआ विवाद
Chhindwara News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पूर्व सीएम कमलनाथ के बंगले पर कांग्रेस विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। दरअसल, शिकारपुर स्थित कमलनाथ के बंगले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी। लेकिन इसके पहले ही किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
छिंदवाड़ा जिले के परासिया से कांग्रेस विधायक सोहन वाल्मीकि और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार के बीच शुक्रवार को एक गंभीर विवाद उत्पन्न हुआ, जो कि मारपीट में बदल गया। यह घटना पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के शिकारपुर स्थित बंगले पर हुई, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक में उठा विवाद
पूर्व सीएम कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद परासिया विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा के लिए कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक में विधायक सोहन वाल्मीकि और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार भी मौजूद थे। बैठक के दौरान, विधायक ने संजय पुन्हार पर दलाली करने और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति अनुत्तीर्ण रहने का आरोप लगाया।
झड़प की वजह
इस आरोप पर संजय पुन्हार भड़क गए और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई, जिसमें आरोप है कि विधायक ने जिला पंचायत अध्यक्ष की पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं और सुरक्षा गार्ड ने इस विवाद को खत्म करने के लिए हस्तक्षेप किया।

कमलनाथ को दी गई शिकायत
जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार ने इस घटना की शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि घटना ने पार्टी के अंदर गंभीर तनाव उत्पन्न कर दिया है।
राजनीतिक विवाद का प्रभाव
इस घटना ने कांग्रेस पार्टी के भीतर की गुटबाजी और आपसी विवादों को एक बार फिर उजागर किया है। विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच का यह विवाद पार्टी की कार्यशैली और एकता पर सवाल उठाता है, खासकर ऐसे समय में जब कांग्रेस को अपनी स्थिति को मजबूत करने की आवश्यकता है।

सोहन वाल्मीकि का बयान
विधायक सोहन वाल्मीकि ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, "मारपीट हुई है। संजय पुन्हार कांग्रेस कार्यकर्ताओं के काम नहीं करते। वह दलाली करते हैं और हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे थे। हमने कहा था कि ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाना चाहिए, जिससे संगठन को कमजोर होने से बचाया जा सके। यही बात इन्हें बुरी लगी। हमने कमलनाथ जी को बता दिया है कि ऐसे लोगों की संगठन में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसे लोग कांग्रेस में रहेंगे, तो हम कांग्रेस में नहीं रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद के दौरान कमलनाथ वहां मौजूद नहीं थे, क्योंकि वे दूसरी बैठक में चले गए थे।
संजय पुन्हार का जवाब
दूसरी ओर, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार ने विधायक के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "यह एक पार्टीगत मामला है। कमलनाथ जी की बैठक से पहले विवाद हुआ। मैं भी बैठक के लिए गया था। विधायक जी बार-बार अपशब्द कह रहे थे, जिसके कारण विवाद उत्पन्न हुआ। यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हुआ है। मारपीट नहीं हुई, बस झूमाझटकी हुई है।"












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