OPINION: छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर विशेष जोर, विष्णुदेव सरकार ने किए यह प्रयास
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा देकर उनके भविष्य निर्माण करना बेहद आवश्यक है। लिहाजा राज्य में स्कूली शिक्षा को लेकर बेहतर माहौल बनाने का प्रयास जारी है।
विष्णुदेव साय सरकार का प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर विशेष जोर है। बेटियों की पढ़ाई में स्कूल की दूरी बाधा ना बने, इसलिए सरकार ने सरस्वती सायकल योजना की फिर से शुरुआत की है।

गरीब परिवारों के बच्चे जो जीवन में बड़े सपने देख रहे हैं और प्रशासनिक अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। ऐसे अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों के लिए देश की राजधानी दिल्ली में ट्राइबल यूथ होस्टल की सुविधा दी जा रही है।
सीएम साय ने बताया कि राज्य सरकार ने इस हॉस्टल की क्षमता को बढ़ाते हुए 80 से 185 सीटर कर दिया है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को दिल्ली में पढ़ाई के लिए निःशुल्क व्यवस्था मिल सके।
इतना ही नहीं , छत्तीसगढ़ सरकार श्रमवीर परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता भी कर रही हैं। इन बच्चों को शासन 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दे रहा हैं, जिसमें एक लाख उन्हें स्कूटी खरीदने के लिए और 1 लाख की राशि उनकी आगे की पढ़ाई के लिए है।
सीएम साय का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता बढाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम श्री योजना की शुरुआत की है। छत्तीसगढ़ के 211 स्कूल इस योजना में शामिल हैं, हमें उम्मीद है कि यह संख्या और बढ़ेगी। पीएम श्री योजना के तहत एक स्कूल को 2 करोड़ की राशि दी जा रही है। इस राशि की मदद से स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ शिक्षा के गुणवत्ता में भी वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री साय का कहना है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। हमने नई शिक्षा नीति को भी लागू कर दिया है। बच्चों की स्किलिंग पर हमारा विशेष जोर है ताकि शिक्षा के साथ वे रोजगार के लिए भी पूरी तरह से तैयार हों। बहरहाल छत्तीसगढ़ में बच्चों और युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य के नींव तैयार करने में जुटी साय सरकार की चौतरफा प्रशंसा हो रही है।











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